मथुरा। शाही जामा मस्जिद व शाही मस्जिद ईदगाह एवं शहर की सभी मस्जिदों में सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस प्रशासन के पुख्ता इंतजाम के साये में अलविदा जुमा की नमाज अदा कराई गई।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता व समाजसेवी मोहम्मद यूनुस गाज़ी ने बताया कि अलविदा जुमा रमजान के पाक महीने के आखिरी जुमे (शुक्रवार) को कहा जाता है।
अलविदा जुमे का इस्लाम धर्म में विशेष महत्व है और रमजान के पाक महीने की जुमे की अहमियत और बढ़ जाती है। रमजान के आखिरी जुमा को अलविदा जुमा कहा जाता है। आज रमजान का आखिरी जुमा है। अलविदा जुमे को अरबी में जमात-उल-विदा के नाम से जाना जाता है।
अलविदा जुमे की नमाज को लेकर मस्जिदों में एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है। मस्जिदों में इसके लिए खास तैयारी की जाती है। सभी लोग नए वस्त्र पहनकर नमाज अदा करने के लिए जाते हैं।
हाजी सूफी सईद हसन ने बताया कि अलविदा जुमे पर बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सभी लोग इस दिन मस्जिदों में इबादत करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि अलविदा जुमे में नमाज अदा कर लोग जो जायज दुआ मांगते हैं वह पूरी होती है। साथ ही अल्लाह की रहमत और बरकत मिलती है।
अलविदा जुमे के बाद ईद का पर्व मनाया जाएगा जिसे ईद-उल-फितर या मीठी ईद के नाम से जाना जाता है। ईद का पर्व इस्लामिक कैलेंडर के 10 वें महीने शव्वाल की पहली तारीख को चांद देखने के बाद हर साल मनाया जाता है।
इस दौरान जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय, एसपी सिटी, सीओ सिटी प्रवीण कुमार आदि पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने कड़ी निगरानी में मुस्तैदी के साथ अलविदा जुमा की नमाज अदा कराई ।
इस मौके पर अबरार खान वारसी, जमालुद्दीन कुरैशी, दिलशाद कुरैशी, आशिफ कुरैशी, बबलू कुरैशी, मुशीर बाबा, मौ आरिफ, कासिम कुरैशी, शाहिद आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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