मथुरा। जी-20 के अंतर्गत कार्यसमूह अर्बन-20 के अंतगर्त अहमदाबाद के महात्मा मंदिर कनर्वेशन एक्जीशिन सेंटर में आज से आयोजित दो दिवसीय मेयर शिखर सम्मेलन में दुनियां भर के प्रमुख 89 शहरों के महापौर ने मेट्रोपोलियन शहरों के पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार व्यवहारों सहित सहित छ प्राथमिकताओं पर चर्चा की ।
शिखर सम्मेलन में शामिल होने गये मथुरा-वृन्दावन के मेयर विनोद अग्रवाल द्वारा हमारे संवाददाता हो बताया गया कि यू-20 ने जी-20 देशों के शहरों के बीच चर्चा की सुविधा प्रदान करके शहरी प्राथमिकताओं के संबंध में एक मंच स्थापित किया है जिसमें मेयर, डिप्टी मेयर और शहरों के अधिकारियों के अलावा सरकारी प्रतिनिधियों और विद्धानों सहित 500 लोगों ने भाग लिया। यह अब तक के सबसे बड़े यू-20 शिखर सम्मेलनों में से एक है। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र और जी-20 नेताओं को मेयरों द्वारा यू-20 वक्तव्य सौंपने के साथ कई विषयगत सत्र और स्पॉटलाइट कार्यक्रम शामिल किए गए हैं।
गांधीनगर में मेयर सम्मलेन का आधिकारिक उद्घाटन गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्रभाई पटेल और केंद्रीय शहरी कार्य राज्य मंत्री कौशल किशोर द्वारा किया गया। अहमदाबाद के मेयर किरीटकुमार जे. परमार ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया। जी-20 के एसओयूएस शेरपा अभय ठाकुर और सचिव, एमओएचयूए मनोज जोशी ने भारतीय शहरों की विकास यात्रा के संबंध में अपना दृष्टिकोण रखा। शिखर सम्मेलन के दौरान यू-20 प्राथमिकता वाले छह क्षेत्रों पर विषयगत सत्र आयोजित किए गयेे जिसमें पर्यावरणीय जिम्मेदारी, जलवायु वित्त और भविष्य के शहरों पर दिए जा रहे जोर को प्रति ध्वनित किया गया। यू-20 के अंतर्गत छह प्राथमिकताओं में पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार व्यवहारों को प्रोत्साहित करना, जलवायु वित्त में तेजी लाना, जल सुरक्षा सुनिश्चित करना, स्थानीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, शहरी शासन और योजना के लिए ढांचे की पुनर्रचना करना, और डिजिटल शहरी भविष्य को उत्प्रेरित करना शामिल है।
कार्यशाला के सत्रों में टोक्यो, रियाद, पेरिस, सूरत, श्रीनगर, अम्मान, लॉस एंजिल्स, न्यूयॉर्क सिटी, कटोविस, रियो डी जनेरियो, दुबई, इंदौर, किचनर, लंदन, मोंटेवीडियो, जोहान्सबर्ग, कोच्चि और डरबन आदि शहरों के मेयर या शहरों के समकक्ष अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतियां दी गयीं। इसके अलावा शिखर सम्मेलन में स्पॉटलाइट सत्र भी आयोजित किया गया जिसमें निर्मित पर्यावरण की डीकार्बोनाइजिंग, महिलाओं, युवाओं और बच्चों को शहरी विकास की मुख्यधारा में लाना के अलावा शहरी निवेश को नए सिरे से परिभाषित करना और भविष्य की प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने वाला एक वैश्विक शहरी ढांचा तैयार करने तथा सर्कुलर इकोनॉमी में जल, अपशिष्ट जल और ठोस अपशिष्ट से संबंधित विषयों को अंतिम रूप दिये जाने पर जोर दिया गया।
शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन के क्लोज डोर सेशन को जलवायु वित्त के मुद्दे पर शहरों की गोलमेज बैठक के रूप में डिजाइन किया गया है। कार्यशाला 8 जुलाई को भी होगी। इस कार्यशाला में यूपी से झांसी, कानपुर, अयोध्या, प्रयागराज, अलीगढ के भी मेयर व अधिकारी शामिल हुए है।
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