मथुरा । ब्रज की सिद्ध पीठों में शुमार छाता तहसील के गांव नरी सेमरी में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। मेले के विशेष ‘तीज’ के दिन माता रानी की दिव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें माता के दर्शन और चमत्कारिक आरती के साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मान्यता के अनुसार, तीज के दिन माता के परम भक्त धनु भगत के वंशज नरी सेमरी मंदिर पहुँचते हैं और माता की दिव्य आरती विधि-विधान से संपन्न करते हैं। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा। दूर-दराज से आए भक्तों ने कतारबद्ध होकर माता के दरबार में मत्था टेका और अपनी मनोकामनाएं मांगी। इस दिव्य आरती की सबसे खास और चमत्कारिक बात माता के दीपक की लौ है। क्षेत्रीय लोगों और श्रद्धालुओं की अटूट मान्यता है कि आरती के दौरान दीपक की लौ एक सफेद चादर के आर-पार दिखाई देती है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से वह कपड़ा जलता नहीं है। भक्ति की इस पराकाष्ठा और माता के इस अनोखे चमत्कार को देख हर कोई नतमस्तक नजर आया।
मंदिर परिसर में आयोजित विशाल मेले में मथुरा जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से आए महिला, पुरुष और बच्चों ने जमकर आनंद लिया। मेले में खान-पान की दुकानों और झूलों पर भारी भीड़ देखी गई। ग्रामीण परिवेश के इस मेले में महिलाओं ने माता के भजन गाए और भक्ति भाव के साथ उत्सव मनाया। भक्तों का विश्वास है कि जो भी सच्चे मन से यहाँ चैत्र नवरात्रि में माता के दर्शन करता है, उसकी हर मुराद पूरी होती है।
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