सुप्रीम कोर्ट में अब सोमवार और शुक्रवार को केवल वर्चुअल सुनवाई, जजों के लिए कार-पूलिंग और कर्मचारियों को मिला वर्क फ्रॉम होम

नई दिल्ली । ​देश की सर्वोच्च अदालत ने न्याय प्रणाली को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय लिया है कि अब सप्ताह के सोमवार और शुक्रवार जैसे विविध दिनों पर मामलों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए कोर्ट की रजिस्ट्री को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वीडियो लिंक समय पर भेजे जाएं और तकनीकी सहायता में कोई कमी न रहे ताकि डिजिटल सुनवाई का यह स्थायी ढांचा बिना किसी रुकावट के चलता रहे।

​पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा की बचत के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए आपस में कार-पूलिंग व्यवस्था लागू करने का सर्वसम्मति से फैसला किया है। इस पहल का उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच ईंधन की खपत को कम करना और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना है। इसके साथ ही रजिस्ट्री से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी राहत भरी खबर है, जहाँ अब प्रत्येक सेक्शन के 50 प्रतिशत कर्मचारी सप्ताह में दो दिन घर से काम कर सकेंगे। हालांकि, इन कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम के दौरान फोन पर उपलब्ध रहना अनिवार्य होगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तुरंत कार्यालय बुलाया जा सके।

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने की अपील के बाद शुरू हुए इस सिलसिले में दिल्ली सरकार ने भी कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू की है और निजी कंपनियों से भी इसका अनुसरण करने का आग्रह किया है। दिल्ली सरकार के मंत्रियों और विधायकों को अब मेट्रो या डीटीसी बसों से यात्रा करने के निर्देश दिए गए हैं और विदेशी यात्राओं पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। सरकारी विभागों के ईंधन कोटे में भी 20 प्रतिशत की कटौती की गई है ताकि प्रदूषण और खर्च दोनों को नियंत्रित किया जा सके।