मथुरा। स्थानीय ध्रुव घाट पर नवनिर्मित विघुत एवं गैस संचालित शवदाह गृह के संचालन को लेकर शनिवार को मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण के सभागार में उपाध्यक्ष नगेन्द्र प्रताप की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें नगर आयुक्त अनुनय झा सहित श्मशान संचालन समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में त्रिपक्षीय समझौता पत्र का मसौदा रखा गया। समझौता पत्र में प्रथम पक्ष मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण, द्वितीय पक्ष मथुरा-वृन्दावन नगर निगम जबकि तृतीय पक्ष ध्रुव घाट मथुरा श्मशान स्थल संचालन समिति रहेगी।
बैठक में मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नगेन्द्र प्रताप द्वारा बताया गया कि नगरीय अवस्थापना निधि से एक करोड़ 6 लाख रू.की लागत से शवदाह गृह पर दो भट्टी विघुत और गैस की लगाई गई है। 1675 वर्ग मीटर में बने इस अत्याधुनिक शवदाह गृह में बेसमेंट, भूतल, पार्किंग रहेगी। इसके लिए 125 किलोवाट का विघुत कनैक्शन लगाया जायेगा। उन्होंने बताया मानव शव संस्कार गैस से करीब 1 घंटे में हो जायेगा। एक शव के संस्कार में लगभग 20 किला गैस की खपत होगी। धुंए की निकासी के लिए 100 फीट की चिमनी बनाई गई है।
बैठक में विचार-विमर्श हुआ कि किस तरह विघुत -गैस शवदाह ग्रह का संचालन किया जायेगा। आगरा में नगर निगम और विकास प्राधिकरण द्वारा श्मशान के सभी प्रकार के व्यय उठाये जाते है। काफी समय से वहां ये कार्य चल रहा है।
नगर आयुक्त अनुनय झा द्वारा इस सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि एमवीडीए और नगर निगम तथा संचालन समिति में शवदाह गृह के हस्तांतरण को लेकर विचार विमर्श हुआ। इसके अलावा उसके संचालन रखरखाव कैसे किया जायेगा पर चर्चा हुई। आगरा में ये संचालित है उसके लिए आगरा के मॉडल का अध्ययन करने का निर्णय लिया गया। प्राधिकरण सचिव राजेश सिंह ने बताया कि शीघ्र ही आगरा प्राधिकरण और नगर निगम से शवदाह गृह के संचालन की व्यवस्था सम्बन्धी पत्रावली मंगाकर उसको मथुरा में भी लागू किया जायेगा। बैठक में श्मशान संचालन समिति से गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, धनेश मित्तल, उमाशंकर अग्रवाल, संजय गोविल , शशि भानु गर्ग , अनिल अग्रवाल , राधामोहन पाराशर मौजूद रहे।
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