अजब – गजब : गोवर्धन तहसील से बन गए एक आदमी के तीन आय प्रमाण पत्र

हर आय प्रमाण पत्र में अलग-अलग है वार्षिक आय
गरीब की वास्तविक आय दर्शाने में लगा दिए महीनों

मथुरा। गोवर्धन तहसील का वास्तव में ही भगवान मालिक है। यहां के लेखपाल एक ही व्यक्ति के तीन तीन आय प्रमाण पत्र बना देते हैं। एक ही जमीन पर दो किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए नकलें बना देते हैं। इन्हीं हालातों के चलते महीनों से अधिवक्ताओं ने गोवर्धन तहसील में कार्य बहिष्कार भी किया हुआ है।
मामला गांव अड़ींग का है। यहां के निवासी विजय पुत्र प्रताप ने 28 जून को 14522 1007241 रजिस्ट्रेशन से ₹60000 वार्षिक आय प्रमाण पत्र बनवाया। इसके बाद उन्होंने आवेदन किया तो 4-8- 2022 को उनकी आय 80000 कर दी गई। इसके बाद 3-9- 2022 को रजिस्ट्रेशन नंबर 14522 1009 503 के माध्यम से जारी हुए उनके आय प्रमाण पत्र में आय ₹46000 वार्षिक कर दी गई। गरीब आवेदक के वास्तविक आय का प्रमाण पत्र सबसे आखिर में बनाया गया। तहसील में भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि छोटे-छोटे कामों की मोटी रिश्वत मांगी जाती है।
हालात यह है कि किसान क्रेडिट कार्ड के लिए बनने वाले खसरा खतौनी में भी बैंक का लोन दिखाने और ना दिखाने का खेल लंबे समय से चल रहा है। अड़ींग के ऐसे कई मामले चर्चा में है जिनमें एक ही जमीन पर कई कई बैंकों से लोन हो रखे हैं। इस खेल में तहसील का स्टाफ पूरी तरह से शामिल है। ऐसे ही काफी मामले बछगांव के बताए जाते हैं। तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते हैं अधिवक्ताओं ने भी माहीनों से कार्य बहिष्कार किया हुआ है। कई खतौनियां ऐसी है जिनमें अभी भी दो दो केसीसी चढ़े हैं। इस खेल में लोन कराने वाला एवं लोन के नाम पर मोटी रकम एंठने वाला ग्रुप सालों से सक्रिय बताया गया है।