मथुरा हाईवे पर ‘गौ सेवा’ के नाम पर गुंडागर्दी : कोहरे में हुई बाबा की मौत पर बाहरी तत्वों ने रचा तांडव
सियासी गलियारों में उबाल: सरकार को बदनाम करने की साजिश?
मथुरा । शनिवार को दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जो मंजर देखने को मिला उसने ब्रज की शांत फिजा और कानून व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। कोहरे के कारण हुई एक दुखद दुर्घटना में ‘फरसा बाबा’ की मृत्यु को आधार बनाकर कुछ असामाजिक तत्वों ने हाईवे को बंधक बना लिया। जांच में सामने आ रहा है कि यह आक्रोश गौ-भक्ति नहीं बल्कि बाबा की बेशकीमती गौशाला पर कब्जे की छिपी हुई लड़ाई का हिस्सा था।
घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि मथुरा की शांति भंग करने में पड़ोसी राज्य हरियाणा के कुछ जिलों के युवकों का हाथ पाया गया है। पिछले दिनों बागेश्वर बाबा की वृंदावन यात्रा के दौरान शराब की दुकान बंद कराने के नाम पर हंगामा करने वाले दक्ष चौधरी एंड कंपनी ने एक बार फिर अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ा।
सरकारी कार्य में बाधा डालने और अराजकता फैलाने के आरोप में पुलिस ने इन्हें फिर से जेल भेज दिया है।
पूर्व विधायक ठाकुर तेजपाल सिंह ने दो टूक कहा कि जब सबको पता था कि बाबा की मौत हादसे में हुई है, तब तोड़फोड़ और पथराव करना एक सोची-समझी साजिश है।
राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान सुरक्षा में सेंध की कोशिश हैरानी की बात यह है कि उपद्रवियों ने उस समय तांडव मचाया जब जनपद में देश की महामहिम राष्ट्रपति मौजूद थीं। हाईवे पर हुए पथराव और घंटों लगे जाम ने न केवल लाखों लोगों को शारीरिक और मानसिक पीड़ा दी, बल्कि पुलिस प्रशासन को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
”गौ रक्षा के नाम पर योगी सरकार को बदनाम करने की यह गहरी साजिश है। मथुरा की सीमा में किसी की हिम्मत नहीं कि गौकशी कर सके, यह केवल अराजकता फैलाने का बहाना है।”
— संजय गोविल, भाजपा नेता
युवा नेता युवराज ठाकुर ने भी हरियाणा के युवकों द्वारा ब्रजवासियों को उकसाने और अफवाह फैलाने की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है।

पुलिस ने करीब दो दर्जन नामजद और 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। हाईवे पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि पत्थरबाजों को चिह्नित किया जा सके। जिला प्रशासन ने बाबा का शहीद स्मारक बनवाने और उनकी गौशाला को सरकारी ‘अंडरटेकिंग’ में लेने का आश्वासन दिया है ।