वृंदावन। मंगलवार को नगर में बंदरों व ई-रिक्शा चालकों के आतंक से परेशान लोगों ने पैदल मार्च निकाल कर नगर निगम कार्यालय और वृन्दावन कोतवाली पर हंगामा किया। इस दौरान लोगों ने मार्ग जाम कर दिया। समाजसेवी योगेश द्विवेदी ने प्रदर्शन में भाग लेते हुए बताया कि जल्द समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो बंदरों के कारण लोग वृंदावन आने में डरने लगेंगे। बंदर आए दिन स्थानीय लोगों के अलावा दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु महिला बुजुर्ग बच्चों पर जानलेवा हमला करते हैं। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को सबको जानकारी होने के बावजूद बंदर पकड़ो अभियान नहीं चलाया जा रहा। नगर की सड़कों के साथ-साथ गली कूचे में ई रिक्शा चालकों ने आतंक मचा रखा है। छोटे-छोटे बच्चे ई रिक्शा चलाते हुए देखे जा सकते हैं। लाख शिकायत करने के बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। ये दोनों मुख्य समस्या वृंदावन वासियों के लिए जान ए बबाल बन गई है।
स्थानीय नागरिको का कहना कि बंदरों और ई-रिक्शा चालकों के आतंक से वृंदावन में हाल बेहाल हो गए है। ई-रिक्शा चालक आये दिन दुर्घटनाओं को अंजाम दे रहे है। दो दिन पूर्व एक घर का चिराग मासूम बच्चा टिर्री की टक्कर से असमायिक मौत का शिकार हो गया। नगर में ई-रिक्शा और बंदरो से क्षेत्र वासी काफी परेशान है। निगम अधिकारी के न मिलने से लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने नगर निगम चौराहे पर जाम लगा दिया। धरने पर बैठे लोगों ने बताया कि बंदरों की वजह से वे परेशान हैं। ये कभी आंगन में धमा-चौकड़ी मचाते हैं तो कभी राह चलते लोगों पर भी हमला बोल देते हैं। बंदरों के हमले से अब लोग बुरी तरह से भयभीत हो चुके हैं। हंगाम कर रहे लोग मौके पर ही उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग कर रहे हैं।
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