वृंदावन में निगम ने दस करोड़ रुपए की बेशकीमती सरकारी जमीन भू-माफियाओं से कराई मुक्त

वृंदावन। नगर निगम प्रशासन ने गुरुवार को एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम देते हुए करीब दस करोड़ रुपए की बेशकीमती सरकारी जमीन भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराई है। निगम प्रशासन के साथ ध्वस्तीकरण की कार्यवाही में राजस्व विभाग व पुलिस बल मौजूद रहा। इस कार्यवाही से अवैध कब्जेदारों की चूल्हे हिल गयी है।
बताया जाता है कि शहर के पॉश इलाके रमणरेती क्षेत्र में भूमाफियाओं द्वारा आपसी सांठगांठ कर सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही थी। जिसकी शिकायत क्षेत्रवासियों द्वारा नगरायुक्त अनुनय झा से की गई थी। शिकायत के आधार पर निगम प्रशासन द्वारा राजस्व विभाग से अभिलेखों की जांच कराई गई जिसमे खसरा नंबर 95 की 1010 वर्ग मीटर, खसरा नंबर 101 की 1020 वर्ग मीटर व खसरा नंबर 103 की 1540 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया। बताया जाता है कि कुल 4170 वर्ग मीटर जमीन जिसकी वर्तमान में बाजारू कीमत लगभग दस करोड़ रूपये है।

गुरुवार को अपर आयुक्त सत्येंद्र कुमार तिवारी, सहायक आयुक्त राजकुमार मित्तल के निर्देशन में निगम प्रशासन व राजस्व की टीम ने भारी पुलिसबल के साथ अवैध रूप से बनाई गई राधिका बिहार कालोनी के गेट व चाहरदीवारी को जेसीबी की मदद से ढहा दिया। नगर में निगम प्रशासन की इस सख्त कार्यवाही की खासी चर्चा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया कि अवैध प्लाटिंग के बारे में जब उनको जानकारी मिली तो उन्होंने राजस्व अभिलेखों में छानबीन कराई तो पता चला कि यह भूमि सरकारी है और इस पर दबंग किस्म के कुछ लोग कब्जा कर अनैतिक धन कमाने की फिराक में है। इस संपत्ति को नगर निगम की टीम ने मुक्त कराते हुए अब अपने स्वामित्व का बोर्ड लगा दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर कितना भी कोई दबंग हो वह सरकारी भूमि पर कब्जा नहीं कर सकता। इस दौरान निगम के कार्यालय अधीक्षक गोपाल वशिष्ठ लेखपाल अश्विनी पांडेय राजस्व निरीक्षक मोहन श्याम कानूनगो गंगा श्याम आदि मौजूद रहे।