लखनऊ। प्रदेश में नई योगी सरकार का गठन हो चुका है। अब इंतजार है तो मंत्रिमंडल बंटवारे का। मंत्रियों को विभाग मिलने के बाद सबसे पहले शासन में बैठे अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों के तबादले की तैयारी है। उच्च स्तर पर इसके लिए मशक्कत शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि प्रमुख पदों पर बैठे कई आईएएस अफसरों के दायित्वों में फेरबदल होगा। सबसे पहले लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, सिंचाई, उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा, ऊर्जा, नियुक्ति जैसे विभागों के अफसरों को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि बड़े पैमाने पर तबादले विधान परिषद् चुनाव की आचार सहिंता समाप्त होने के बाद 12 अप्रैल के आस पास होंगे। जिला स्तर पर तैनात आईएएस आई पी एस अधिकारियो की लिस्ट बनाई जा रही है। सबसे पहले वो अधिकारी हटाए जायेंगे जिनका कार्यकाल पूरा हो गया है। उसके बाद जिलों में जिनकी छवि खराब है और जिन्होंने चुनाव में भाजपा को सपोर्ट नहीं किया। ध्यान रहे कि बहुत से अधिकारी सपा सरकार आने की संभावना के चलते अपने कार्यो को अंजाम दे रहे थे वो अब काफी परेशान है। वही वर्तमान में चल रहे विधान परिषद् चुनाव में पार्टी को लाभ पहुंचाने वाले अधिकारियो को मन माफिक तैनाती की भी चर्चा है।
सूत्रों के मुताबिक उन अफसरों को दूसरे विभागों का दायित्व देने पर विचार चल रहा है जो एक ही विभाग में पिछले तीन या फिर चार साल से काम देख रहे हैं। इसके साथ एक से अधिक विभागों का काम देखने वाले अफसरों का बोझ कम करने पर मंथन चल रहा है। शासन में कई ऐसे अफसर हैं जिनके पास एक से अधिक कई महत्वपूर्ण विभाग हैं। इसके चलते विभागों का काम जिस गति से होना चाहिए नहीं हो पा रहा है।
शासन में बैठे कई ऐसे अफसर हैं जिन्होंने बेहतर काम किया है। उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी गई उसे अच्छी तरह से निभाया। इसीलिए ऐसे अफसरों को बड़े विभागों की जिम्मेदारी मिल सकती है। डीएम, सीडीओ और एडीएम स्तर के अफसरों का तबादला विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के बाद किया जाएगा। इसीलिए पहले चरण में शासन स्तर के अधिकारियों के तबादले की तैयारी है।
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