जया एकादशी पर बांके बिहारी मंदिर में भारी भीड़ , दम घुटने से श्रद्धालु की मौत

वृंदावन, (राजपथ ब्यूरो/पुनीत शुक्ला)। ठा. बांके बिहारी मंदिर में शनिवार को जया एकादशी के कारण भक्तों की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ी। भीड़ का दबाव ऐसा रहा कि मंदिर में श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए की गई व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गईं। भीड़ के दबाव में आकर मंदिर चबूतरा पर एक श्रद्धालु की हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में श्रद्धालु को मंदिर प्रबंधन ने अस्पताल पहुंचाया। जहां श्रद्धालु ने दम तोड़ दिया।
उधर क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा जानकारी दी गई दी गई है कि लक्ष्मण सिंह की मृत्यु भीड़ में दम घुटने से नहीं बल्कि वह डायबिटीज और हार्ट के मरीज थे जिस कारण उनकी मृत्यु हुई है। उन्होंने बताया कि परिवार जन बता रहे हैं कि वह रिश्तेदारों को दर्शन कराने मंदिर गए थे।

बताया जाता है कि ठा. बांकेबिहारी मंदिर में शनिवार की दोपहर करीब 12.15 बजे मथुरा के आनंद लोक निवासी 65 वर्षीय लक्ष्मण सिंह एकादशी पर दर्शन के लिए पहुंचे थे। एकादशी के साथ शनिवार पड़ने पर मंदिर में भक्तों का भारी हुजूम सुबह से ही उमड़ रहा था। श्रद्धालुओं की भीड़ के दबाव में कई श्रद्धालुओं की हालत बिगड़ने लगी तो वे भीड़ से बाहर निकलने की कोशिश में जुट गए या फिर इधर-उधर जगह मिलने पर बैठकर विश्राम करने लगे लेकिन मंदिर के गेट संख्या 4 के समीप श्रद्धालु लक्ष्मण सिंह भीड़ का दबाव न झेल सके और मंदिर के चबूतरे पर उनकी हालत बिगड़ गई और वह जमीन पर जा गिरे। लक्ष्मण सिंह के जमीन पर गिरते ही श्रद्धालुओं में खलबली मच गई। लोग उन्हें संभालने में जुट गए। मंदिर में तैनात सुरक्षागार्डों ने तत्काल प्रबंधन को सूचना दी। मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा व उमेश सारस्वत ने कर्मचारियों की मदद से श्रद्धालु को जिला संयुक्त चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती करवाया। जहां उपचार के दौरान श्रद्धालु ने दम तोड़ दिया। चिकित्सकों के अनुसार श्रद्धालु की मौत का कारण हार्टअटैक बताया जा रहा है। मंदिर प्रबंधन ने मृतक श्रद्धालु के स्वजनों को सूचना दे दी है। निश्चित रूप से इस तरह की लापरवाही एक बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे सकती है। कुछ दिनों पूर्व वैष्णो देवी मंदिर में ज्यादा संख्या में श्रद्धालुओं के इकट्ठे होने के कारण वहां भगदड़ मच गई थी। जिससे दर्जनों की संख्या में श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। अगर बांके बिहारी मंदिर में अभी भी भीड़ को रोकने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। तो आगे आने वाले समय में इससे भी भीषण दुर्घटना हो सकती है।