(राहुल नवरत्न)
दीपावली का पर्व देश भर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। दीपावली को हिंदू धर्म का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है इसके बाद गोवर्धन की पूजा की जाती है। यह पूजा हर वर्ष कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को की जाती है। इस दिन भगवान गोवर्धन यानी गिरिराज जी की पूजा का विधान है साथ ही श्री कृष्ण की भी पूजा की जाती है। गोवर्धन पूजा को अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है गोवर्धन पूजा के दिन गोवर्धन भगवान को 56 भोग लगाया जाता है. इस दिन गोवर्धन परिक्रमा करने का भी बहुत बड़ा महत्व होता है। इस वर्ष इस पूजा को लेकर भ्र्म की स्थिति बनी हुई है।
श्री भैरव ज्योतिष अनुष्ठान केंद्र हरिगढ़ रजि से जानते हैं कि इस साल गोवर्धन पूजा का पर्व कब है और इसका शुभ मुहूर्त क्या है?
आचार्य भरत तिवारी ने बताया कि सनातन धर्म में गोवर्धन पूजा के त्योहार का बहुत बड़ा महत्व है. इस दिन भक्त भगवान श्री कृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गौ माता की विशेष पूजा करते हैं । गोवर्धन पूजा श्री कृष्ण को समर्पित होती है। इसके साथ बताया कि इस दिन भक्तों को गोवर्धन पर्वत के साथ भगवान श्री कृष्ण की पसंदीदा गायों की पूजा करने पर भगवान का आशीर्वाद मिलता है।
*कब से शुरू हुई गोवर्धन पूजा*
हिंदू पौराणिक कथाओं अनुसार इस दिन भगवान कृष्ण ने इंद्र देवता के प्रकोप से वृन्दावन के लोगों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाया था. इसके बाद से लोगों ने इस दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा के साथ-साथ भगवान कृष्ण की पूजा शुरू कर दी। साथ ही कान्हा को ‘गोवर्धनधारी’ और ‘गिरिरधारी’ नाम से संबोधित किया गया।
*गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त*
आचार्य भरत तिवारी के मुताबिक गोवर्धन पूजा (14 नवंबर) को पूजा के तक है. पूजा की अवधि कुल 2 घंटे 9 मिनट की होगी. वहीं, इस दिन शोभन योग और अनुराधा नक्षत्र का निर्माण हो रहा है. शोभन योग 14 नवंबर को सुबह से दोपहर 1 बजकर 7 मिनट तक है वहीं अनुराधा नक्षत्र सुबह से लेकर 15 नवंबर की रात 3 बजकर 24 मिनट तक है ।
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