डीएम के निर्देश पर बनी दो जांच कमेटी महीनों में नहीं कर पाईं जांच
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी एवं डा बीआर अम्बेडकर विवि को की शिकायत
मथुरा। गोवर्धन मार्ग पर अड़ींग-गोवर्धन के मध्य स्थिति श्री सिद्धि विनायक महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा मानकों को ताक पर रख और सांठ गांठ कर अपर्याप्त भवन में ज्यादा कोर्सोें की मान्यता ले रखी है अपरिपक्व फेकल्टी रखकर केवल फीस बटोरी जा रही है। छात्रवृत्ति में भी घपले को आरोप शिकायतकर्ता ने लगाया है। महाविद्यालय की दर्जन भर बिन्दु वाली शिकायत पर डीएम ने सीडीओ, हरिजन समाज कल्याण अधिकारी एवं एसडीएम गोवर्धन के निर्देशन में वहीं डायट प्राचार्य के निर्देशन में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। डेढ़ माह में कमेटी जांच पूर्ण नहीं कर पाई है। इधर महाविद्यालय प्रबंधन ने टीन की छत वाले 10 कमरों को पाटने के लिए कई ट्रक मेटेरियल मंगा लिया है।
शिकायतकर्ता दीपचंद यादव एड. ने आरोप लगाया है कि शिक्षा माफियाओं का शिक्षण से कोई मतलब नहीं है। उनका उददेश्य केवल धन बटोरना है। कमजोर बच्चे ऐसे कॉलेजों में एडमीशन लेते हैं। उन्हें आसानी से पास होने की गारंटी मिल जाती है। इसके एवज में प्रबंधन मनमानी धन वसूली करता है। काफी बच्चे केवल परीक्षा के समय ही कॉलेज आते हैं। उन्होंने शिकायत की है महाविद्यालय में क्षमता से कई गुना ज्यादा कोर्सों की मान्यता ले रखी है। 10 कमरे सालों से टीन की छत से पाट रखे थे। उन्हें सीलिंग आदि से ढ़क कर मान्यता ले ली जोकि धोखा है। उन्होंने छात्रवृत्ति में भी घपले का आरोप लगाया है। मान्यता के लिए कागज किन्हीं अन्य शिक्षकों के लगे हैं लेकिन पढ़ाने दूसरे शिक्षक आते हैं जोकि शिक्षण के लिए योग्यता ही नहीं रखते।
शिकायत कर्ता का आरोप है कि डायट प्राचार्य के निर्देशन में बनी तीन सदस्यीय कमेटी अक्टूबर से अभी तक दो बार उन्हें पत्र भेज चुकी है लेकिन अभी तक जांच पूर्ण नहीं कर पाई है। हालिया पत्र में तीन नवंबर को जांच करने की सूचना उन्हें पत्र के माध्यम से दी गई है। इधर एसडीएम गोवर्धन द्वारा महाविद्यालय में टीन की छत से ढ़के 10 कमरों की जांच रिपोर्ट भी डीएम को नहीं सौंपी गई है। इधर टीन की छत उतारकर कमरे बनाने का काम पूरा किया जा रहा है। संभवत: छत डलने के बाद अफसरान जांच करने का मन बना चुके हैं। शिकायत कर्ता ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी एवं डा भीमराव अम्बेडक विवि के कुलपति से भी शिकायत की है।