अगस्ता वेस्टलैंड से जुड़ी कंपनी से केंद्र ने प्रतिबंध क्यों हटाया : कांग्रेस

नई दिल्ली । कांग्रेस पार्टी ने फिनमेकेनिका (अगस्ता वेस्टलैंड की मूल कंपनी) पर लगे प्रतिबंध को हटाने को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किये हैं। साथ ही राफेल लड़ाकू विमान सौदे में केंद्र पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। दरअसल भारत-फ्रांस के बीच हुए राफेल लड़ाकू विमान सौदे में एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं। फ्रांस के एक पब्लिकेशन ‘मीडियापार्ट’ का दावा है कि फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन ने 36 लड़ाकू विमान की डील के लिए एक बिचौलिए को 7.5 मिलियन यूरो कमीशन दिया था। मीडियापार्ट के अनुसार दस्तावेज होने के बावजूद भारतीय एजेंसियों ने इस मामले में जांच शुरू नहीं की। इसी विवाद के बीच कांग्रेस ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले में भी केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है।

कांग्रेस प्रवक्ता प्रो. गौरव वल्लभ ने सोमवार को प्रेसवार्ता कर कहा कि अगस्ता वेस्टलैंड डील को लेकर पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी संसद में चर्चा के दौरान कहा था कि ये मामला रिश्वत और भ्रष्टाचार से युक्त है।

वल्लभ ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले 22 जुलाई 2014 को ऑगस्ता वेस्टलैंड/फिनमेकेनिका को रहस्यमय तरीके से ब्लैकलिस्ट वापस ले लिया गया और अब उससे खरीद प्रतिबंध हटा लिया। ये क्यों किया गया इसका केंद्र को जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार अगस्ता वेस्टलैंड और इसकी मूल कंपनी फिनमेकेनिका को बचाने, संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए स्पष्ट रूप से दोषी हैं। केंद्र सरकार ने लियोनाडरे स्पा पर खरीद प्रतिबंध हटा दिया, जिसे पहले फिनमेकेनिका (अगस्ता वेस्टलैंड की मूल कंपनी) के रूप में जाना जाता था।

उन्होंने कहा, सच्चाई यह है कि पीएम मोदी और उनकी सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’ के हिस्से के रूप में ‘ब्लैक लिस्टेड’ अगस्ता वेस्टलैंड को शामिल किया और यहां तक कि इसे भारतीय नौसेना के लिए 100 हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए बोली लगाने की अनुमति भी दी।

क्या सरकार अगस्ता वेस्टलैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालतों में सभी मामले हार गई? और अपील भी दर्ज नहीं की?

गौरव वल्लभ ने कांग्रेस का पक्ष साफ करते हुए कहा कि, “फरवरी, 2010 में एक वैश्विक निविदा के तहत, अगस्ता वेस्टलैंड (फिनमेकेनिका की मूल कंपनी) को 3,546 करोड़ रुपये में 12 हेलीकॉप्टर खरीदने का अनुबंध आवंटित किया गया था। इसके बाद 12 फरवरी 2013 में तत्कालीन कांग्रेस-यूपीए सरकार ने जांच का आदेश दिया। साथ ही प्राथमिकी दर्ज की और मामले को सीबीआई को सौंप दिया। जिसके बाद 27 फरवरी 2013 में यूपीए सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड पर एक जेपीसी स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन भाजपा ने भाग लेने से इनकार कर दिया था। फिर 1 जनवरी 2014 को कांग्रेस की यूपीए सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड से 12 हेलीकॉप्टर खरीदने का अनुबंध रद्द कर दिया। तब तक अगस्ता को 1620 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका था और 3 हेलीकॉप्टर भारत को दिए जा चुके थे।”

उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि अगस्ता/फिनमेकेनिका के खिलाफ कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई जांच का क्या होगा? अगस्ता/फिनमेकेनिका के खिलाफ लंबित मध्यस्थता का क्या होगा? क्या इससे राजकोष का नुकसान होगा?

वहीं भारत-फ्रांस के बीच हुए राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर गौरव वल्लभ ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बार-बार कहा था कि हम पूरे सौदे की सही और निष्पक्ष जांच चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम इन लड़ाकू विमानों की खरीद के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जिस तरह से सौदे हुए थे उसकी सही और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।