मथुरा। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी द्वारा जनपद में उर्वरक की दुकानों पर छापे डालने के लिए चार टीमों का गठन किया गया l इस दौरान कल 33 छापे डाले गए और गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु उर्वरक के आठ नमूने लिए गए । बिहटा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी बिहटा विकास खंड छाता द्वारा पांच किसानों को उनके जमीनों के अभिलेख देखे बिना 50-50 बोरी यूरिया बिक्री की गई जिसके कारण तत्काल प्रभाव से इनका लाइसेंस निरस्त किया गया । वितरण एवं स्टॉक रजिस्टर तथा स्टॉक एवं रेट बोर्ड न होने के कारण भूमित्र खाद एवं बीज एजेंसी चौमुंहा का लाइसेंस निलंबित किया गया । किसानों को बिना अभिलेख देखें अधिक मात्रा में यूरिया एवं डीएपी की बिक्री करने के कारण एग्री जंक्शन जाचौड़ा, साधन सहकारी समिति बरसाना एवं सहकारी संघ लि. बरसाना को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। इसके साथ ही सहकारी समिति बरसाना पर पोस मशीन में 50 बोरी डीएपी प्रदर्शित हो रही थी परंतु मौके पर केवल तीन बोरी डीएपी की पाई गई वहीं दूसरी ओर सहकारी संघ लि. बरसाना पर एक ही दिन में डीएपी की 263 बोरी की बिक्री दिखाई गई जो संदिग्ध प्रतीत हो रही है जिसके कारण इन दोनों समितियां को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया ।
जिलाधिकारी सी पी सिंह ने जनपद के सभी उर्वरक विक्रेता प्रत्येक उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठान पर स्टॉक रजिस्टर बिक्री रजिस्टर स्टॉक एवं रेट बोर्ड अनिवार्य रूप से होना चाहिए। सभी उर्वरक विक्रेता किसानों को निर्धारित दर पर ही यूरिया डीएपी की बिक्री करें तथा किसी भी किसान को यूरिया डीएपी के साथ अन्य कम प्रचलित उर्वरकों की टैगिंग ना करें अन्यथा उनके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जनपद में 15468 मैट्रिक टन यूरिया एवं 3701 मी टन डीएपी उपलब्ध है किसान यूरिया एवं डीएपी का आवश्यकता अनुसार ही प्रयोग करें भविष्य में भी यूरिया डीएपी मिलती रहेगी इसलिए अनावश्यक भंडारण ना करें।
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