श्रीकांत के ऊर्जा मंत्री न बनने से मथुरा की बिजली सप्लाई हुई बुरी तरह प्रभावित

अजय शर्मा
मथुरा। जनपद सहित शहरी क्षेत्र में पलक नही झपकने वाली बिजली योगी 2.0 सरकार में आने के पश्चात दिन-रात कई-कई घंटे गायब हो रही है। यूं तो योगी 1 सरकार में बिना बाधा के लगातार बिजली मिलती रही विद्युत आपूर्ति की बजह से लोगों ने घर, दुकान से इन्वर्टर तक हटा लिये थे लेकिन ऐसा क्या कारण रहा कि दुबारा योगी सरकार आने के बाद बिजली की आंख मिचौली शुरू हो गई। अब लोग हर समय यही चर्चा करते है कि श्रीकांत के मंत्री न बनने का उनको खामियजा भुगतना पड़ रहा है।
2017 में योगी सरकार बनते ही मथुरा-वृन्दावन के विधायक श्रीकान्त शर्मा को ऊर्जा मंत्री बनाया गया। उनके ऊर्जा मंत्री के कार्यकाल के दौरान भीषण परिस्थितियों के बावजूद जनपद की बिजली सप्लाई टकाटक रहती थी लेकिन 2022 के चुनाव में जनता ने एक बार फिर पूर्व ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा पर विश्वास जताया और उन्हें भारी बहुमत से दोबारा विधायक बना कर विधान सभा भेजा लेकिन शायद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का वह विश्वास प्राप्त नही कर सके और उन्हें मंत्री पद प्राप्त नही हो सका। अपने ऊर्जा मंत्री के कार्यकाल में श्रीकान्त शर्मा ने बताया था कि मथुरा जैसी स्थिति पूरे प्रदेश के हर जिले की है जहां बिजली निरन्तर मिल रही है लेकिन अभी विधान सभा चुनावों के रिजल्ट आये एक महीना भी नही हुआ बिजली सप्लाई ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बिजली आपूर्ति नही होने के कारण गर्मी के चलते बच्चे बूढ़े बीमार व्यक्ति हा-हा कार मचा रहे है। बिजली नही होने से दुकानदारी पर भी असर हो रहा है। लगातार बिजली नही आने से एक प्रश्न सरकार से पूछा जा रहा है क्या बिजली आने के लिए क्षेत्र में उस विभाग का मंत्री होना जरूरी है? अब 403 विधायकों में से सब तो मंत्री नही बनेंगे तो क्या जहां के जिलों में मंत्री नही है वहां बिजली नही आयेगी। जनपद की जनता ने इस बार भाजपा के पांचों विधायकों को विधान सभा भेजा है। इन विधायकों में से एक हो योगी मंत्री मंडल में केबिनेट मंत्री का दायित्व मिला है। लेकिन मंत्री सहित पांचों विधायक से बिजली विभाग को कोई खौफ नही है। वह अपनी मनमानी पर लगा हुआ है वह हर दिन कोई न कोई बहाना बना कर शहरी क्षेत्र में घंटों की बिजली कटौती कर रहा है। जब शहरी क्षेत्र का यह हाल है तो ग्रामीण क्षेत्र का क्या हाल होगा यह सोच से परे है। बिजली सप्लाई खराब होने से पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। विधायक जी इतने रुष्ट है की वह अब शनिवार रविवार को भी मथुरा नहीं आ रहे। मथुरा-वृंदावन की जनता अब अपना दुखड़ा किससे रोये।