दिल्ली में योगी के साथ मथुरा-वृंदावन को लेकर हुई आधा दर्जन केंद्रीय मंत्रियो की बैठक, वृंदावन से गोकुल तक चलेंगे स्टीमर

नई दिल्ली। मथुरा वृंदावन के समुचित विकास एवं सौंदर्य करण को लेकर शुक्रवार को नई दिल्ली में हाई पावर बैठक केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आवास पर हुई जिसमें कई केंद्रीय मंत्रियों के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने भाग लिया । इस बैठक में विभिन्न परियोजनाओं पर विचार विमर्श के पश्चात महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन फैसलों से मथुरा वृंदावन आदि क्षेत्रों की कायापलट हो जाएगी। खास बात यह रही कि अब वृंदावन से गोकुल तक जलमार्ग विकसित किया जाएगा इससे यात्री वृंदावन मथुरा गोकुल के प्रमुख स्थानों पर आ जा सकेंगे । इसके अलावा बिहारी जी मंदिर और द्वारकाधीश मंदिर के समीप यमुना जी पर दो पुल बनाए जाएंगे। यह पुल 6 लेन के होंगे। मथुरा वृंदावन रेल मार्ग के लिए आगरा मंडल पर गति शक्ति यूनिट की स्थापना कर दी गई है। वृंदावन में तीर्थ यात्रियों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए छोटी इलेक्ट्रिक बस चलाने का निर्णय हुआ है जिसमें एक साथ 15 यात्री सफर कर सकेंगे। ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा के अलावा मथुरा वृंदावन की परिक्रमा का भी विकास किया जाएगा। यह बैठक उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाएगी। आज की बैठक में लिए गए प्रस्ताव मथुरा जनपद के विकास में मील का पत्थर माने जाएंगे।

मथुरा वृन्दावन से सम्बन्धित विभिन्न परियोजनाओं पर विचार-विमर्श एवं निर्णय हेतु एक उच्च स्तरीय बैठक आज केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मार्ग मंत्री नितिन गडकरी के आवास पर सम्पन्न हुई। उक्त बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पत्तन जहाज रानी एवं जल मार्ग मंत्री सर्वानन्द सोनेवाल, पर्य टन एवं संस्कृति मंत्री किशन रेड्डी के अलावा उ.प्र. के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह मौजूद रहे।
बैठक में मथुरा-वृन्दावन से सम्बन्धित परियोजनाओ का प्रस्तुतीकरण अपर मुख्य सचिव गृह एवं धर्मार्थ कार्य अवनीश अवस्थी एवं उपाध्यक्ष उ.प्र. ब्रज
तीर्थ विकास परिषद शैलजाकान्त मिश्र द्वारा किया गया। उक्त बैठक में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के स्वरूप के ऊपर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। तय किया गया कि परिक्रमा मार्ग को दो लेन एवं चार लेन जहां जैसी भूमि उपलब्ध हो के आधार पर विकसित किया जायेगा । परिक्रमा मार्ग में पक्की सड़क के साथ-साथ कच्ची पटरी भी विकसित की जाएगी ताकि श्रृद्धालू पैदल परिक्रमा कर सकें। कच्चे पथ के ऊपर घास का रोपड भी किया जायेगा जिससे कि गर्मियों में सुविधा जनक तरीके से परिक्रमा की जा सके। दूसरी परियोजना मथुरा-वृन्दावन, गोवर्धन बाईपास बनाये जाने की है जिसकी शीघ्र डी.पी.आर. बनाई जायेगी। उक्त परियोजना उ.प्र. ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा प्रस्तुत ब्रज तीर्थ पथ परियोजना एवं गोवर्धन कनेक्ट परियोजना का एकीकृत रूप है। जैंत गांव से वृन्दावन पहुंचते हुए यमुना जी के दूसरे तट पर वृन्दावन से मथुरा एवं मथुरा से गोकुल, गोकुल से वापस नेशनल हाईवे को रिफाइनरी के पास जोड़ा जायेगा । इस पथ में स्थान-स्थान पर पुल बनाकर दर्शानार्थियों को बिहारी जी, द्वारिकाधीश आदि जगहों पर पहुंचने का मार्ग उपलब्ध कराये जाने की योजना है। इस परियोजना में दो जगह यमुना नदी पर ब्रिज बनाये जाने का प्राविधान है जो कि 6 लेन आकार के होंगे ताकि भविष्य रोड़ के चौडीकरण किये जाने पर ब्रिज उपयुक्त साबित हो। दूसरी ओर छटीकरा से गोवर्धन होते हुए गोवर्धन ड्रेन की दोनो पटरियों का प्रयोग करते हुए हिन्दुस्तान कालेज के पास नेशनल हाईवे को कनेक्ट किया जायेगा जिससे कि आगरा से आने वाले श्रृद्धालू सीधे गोवर्धन पहुंच सकेंगे और गोवर्धन से बिना मथुरा में प्रवेश किये आगरा एवं कानपुर की ओर जा सकेंगे जिससे मथुरा में यातायात दबाव को कम करने में सुविधा हो सकेगी। मथुरा-वृन्दावन रेल मार्ग परियोजना पर विचार-विमर्श किया गया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा अवगत कराया गया है कि इस परियोजना पर कार्य हेतु मण्डल रेल प्रबन्धक आगरा के यहां गति शक्ति यूनिट स्थापित कर दी गई है। शीघ्र ही मथुरा-वृन्दावन लाईन रेल बनाये जाने के लिए डी.पी.आर. बनाने का कार्य करेगी। यह परियोजना लगभग रु. 1000 हजार करोड़ की होगी। इससे श्रृद्वालु बिना ट्रैफिक जाम से सुगमता से मथुरा से वृन्दावन आ-जा सकेंगे । इसमें नोडल अधिकारी मण्डल रेल प्रबन्धक, आगरा होंगे जो उ.प्र. ब्रज तीर्थ विकास परिषद के साथ सामन्जस स्थापित कर योजना पर कार्य करायेंगे । वृन्दावन से गोकुल तक जलमार्ग विकसित करने हेतु परियोजना पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पत्तन जहाज रानी एवं जल मार्ग मंत्री सर्वानन्द सोनेवाल द्वारा अवगत कराया गया कि मंत्रालय वृन्दावन से गोकुल तक जयति बनाने का कार्य करने हेतु सहमत है, परन्तु नौका एवं उसके संचालन का काम प्रदेश सरकार को करना होगा। मुख्यमंत्री योगी द्वारा अनुरोध किया गया है कि वृन्दावन, गोकुल जन मार्ग की एक समेकित इन्टीग्रेटिड डी.पीआर.मंत्रालय द्वारा बना दी जाये और उसके उपरान्त यथा आवश्यक कार्य विभिन्न मंत्रालय द्वारा किये जा सकें। पर्य टन एवं संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी से उपाध्यक्ष शैलजा कान्त द्वारा अनुरोध किया गया है उ.प्र. ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा चन्द्रसरोवर गोवर्धन, रसखान समाधि महावन पर एक-एक ओपन एयर थियेटर बनाया गया है। इसके साथ ही गीता शोध संस्थान वृन्दावन में एक हजार फीट का कोडिटोरियम बनाया गया है। इन स्थानों को संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के वार्षिक कलेन्डर पर लेकर प्रत्येक वर्ष दो-दो समारोह आयोजित कराये जाये ताकि ब्रज क्षेत्र में आने वाले श्रृद्वालुओ को ब्रज संस्कृति एवं लीला स्थलों से परिचित कराया जा सकेगा। इस पर मंत्री द्वारा इस पर सहमति व्यक्त की गई।
बैठक में वृन्दावन के अन्दर ट्रैफिक जाम से निजात पाने हेतु छोटी इलेक्ट्रिक बसे चलाये जाने पर विचार किया गया। यह बस अधिकतम 15 सीट की होगी जिससे कि सम्पूर्ण वृन्दावन में सुगमता से चल सके। इलेक्ट्रिक बस वृन्दावन के दोनो ओर स्थित पार्किगों पर उपलब्ध होगी। जहां से श्रृद्वालु सम्पूर्ण वृन्दावन में आ जा सकेंगे । मंत्री ने इस पर कार्य किये जाने का आश्वासन दिया ।
उक्त बैठक में सचिव एन.एच.ए.आई. भारत सरकार सचिव पर्यटन भारत सरकार, सचिव जहाज रानी, प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेंश्राम, मुख्य कार्य पालक अधिकारी उ.प्र.ब्रज तीर्थ विकास परिषद नगेन्द्र प्रताप एवं जय कार्तिके कन्सलटेन्ट उपस्थित रहे।