बिना पशुपालन के किसान की आय दो गुनी होना मुश्किल: लक्ष्मीनारायण चौधरी

बकरी मेले में वैज्ञानिकों ने पशुपालकों को दिये गये आमदनी बढाने के गुर
अनुज सिंघल
फरह। उत्तर प्रदेश के चीनी मिल एवं गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के किसानों की आमदनी दूनी करने के सपने को पशुपालन को बढ़ावा देकर ही पूरा किया जा सकता है।
केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मखदूम फरह में आयोजित राष्ट्रीय बकरी मेले का आज उदघाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सीमांत एवं लघु किसानों के लिए बकरी पालन आमदनी बढ़ाने का बहुत अच्छा जरिया हो सकता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने यहां पर देखा है कि किस प्रकार कम लागत से बकरी अधिक दूध देती है। उन्होंने यहां चार किलो दूध देने वाली बकरी को भी देखा है तथा ऐसे बकरे को भी देखा है जिसका वजन दो साल में बढ़कर 110 किलो हो गया है।


संस्थान के निदेशक डा. मनीष कुमार चेटली ने बताया कि इस राष्ट्रीय बकरी मेले में 11 राज्यों के एक हजार बकरी पालक आए है। उनका कहना था कि तेलंगाना, तामिलनाडू, उत्तराखण्ड जैसे राज्यों से बकरी पालक आए हैं। इस मेले में सस्थान के वैज्ञानिक बकरी पालकों की समस्याओं का निराकरण कर रहें हैं तथा बकरी पालक अनुभवी बकरी पालकों से अनुभवों को साझा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बकरी पालकों को यह भी बताया गया है कि किस प्रकार 11 रूपए की लागत से वे बकरी का दूध 200 मिली लीटर तक बढ़ा सकते हैं।
इस मेले में आईवीआरआई बरेली जैसे संस्थानों के भी स्टाल लगाए गए। आज इस मेले से पहले एक सेमिनार में बकरी पालन से संबंधित चर्चा हुई तथा 9 बकरी पालकों को पुरूष्कृत भी किया गया । इससे पूर्व मेले एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण एवं जिलाधिकारी पुलकित खरे द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर दीनदयाल धाम के निदेशक सोनपाल सहित संस्थान एवं प्रशासन के विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।