मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष रही आईएएस केसरवानी निलंबित

लखनऊ। योगी सरकार ने भूमि अधिग्रहण मामले में धांधली बरतने के आरोपी गाजियाबाद की तत्कालीन जिलाधिकारी आईएएस निधि केसरवानी को निलंबित कर दिया है और मुख्यमंत्री ने उनके खिलाफ विभागीय जांच करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में निधि केसरवानी भारत सरकार में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर में उप सचिव के पद पर कार्यरत हैं। 2004 बैच की आईएएस निधि केसरवानी 2016 में गाजियाबाद के डीएम थी। डीएम बनने से पूर्व निधि केसरवानी मथुरा में विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष भी रही थी। उस समय भी उनके कई फैसले विवादास्पद रहे थे।
वह मणिपुर कैडर की आईएएस अधिकारी है यूपी में वह डेपुटेशन पर आई थी। इनके अलावा सेवानिवृत्त हो चुके जिलाधिकारी विमल दुबे के खिलाफ भी एफ आई आर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं इन दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने गाजियाबाद में डीएम के पद पर तैनाती के दौरान भूमि अधिग्रहण के मामले में अधिक धनराशि का भुगतान नियम विरुद्ध करके अपने पसंदीदा लोगों को लाभ अर्जित कराया था।
गाजियाबाद में डीएम रहते हुए दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे व ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान निधि केसरवानी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। इसको संज्ञान में लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन डीएम निधि केसरवानी को निलंबित करने तथा दो अन्य डीएम के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा मामले की विभागीय जांच के साथ ही मुकदमा दर्ज करने के आदेश भी दिए हैं।
इसके साथ ही इस मामले में जांच आख्या उपलब्ध होने के बावजूद अग्रिम कार्यवाही में विलंब करने पर नियुक्ति विभाग के अनुभाग अधिकारी, समीक्षा अधिकारी को भी निलंबित करने के आदेश दिया है। अनुसचिव पर भी कार्रवाई होगी। सीएम आफिस के ट्विटर हैंडल से यह जानकारी साझा की गई। 2019 में हुई उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट की बैठक में इन दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की मंजूरी दी गई थी। विमल शर्मा रिटायर हो चुके हैं जबकि निधि केसरवानी भारत सरकार में तैनात हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बुधवार को एक बयान में कहा है कि इस केस से जुड़ी पत्रावली की जांच रिपोर्ट आने के बावजूद कार्रवाई करने में देरी करने वाले नियुक्ति विभाग के अनुभाग अधिकारी व समीक्षा अधिकारी को भी निलंबित किया जाएगा। वहीं इस मामले में अनुसचिव के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए निर्देश दिया गया है।