वृन्दावन। बिहारी जी दर्शन को आये युवक को खुद को आई बी का डीआईजी बताकर प्रोटोकाल की मांग करने और इस्कान मंदिर के गेस्ट हाउस में जबरन ठहरने की कोशिश करना मंहगा पड़ गया। आरोपित ने एसपी यातायात और एसपी क्राइम से अभद्रता भाषा का प्रयोग करते हुए ट्रांसफर करवाने की धमकी दी। गेस्ट हाउस संचालक की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित 258-केएम रोड थाना पटोली निवासी अभिजीत कर वर्तमान में गुरुग्राम सेक्टर 47 पार्ट-सी में रहता है। नए साल पर वृंदावन आए अभिजीत ने एसपी यातायात और एसपी क्राइम को बार-बार फोन कर खुद को इंटलीजेंस ब्यूरों का डीआईजी बताया और प्रोटोकाल देने की मांग की। प्रोटोकाल मांगने पर पुलिस को शक हो गया।
एसपी सिटी एमपी सिंह ने बताया कि आरोपित के बातचीत के लहजे और आइबी में डीआइजी का पद नहीं होने को लेकर संदेह हुआ। आइबी अपनी पहचान भी उजागर नहीं करती है। इसकी जांच कराई गई। प्रोटोकाल नहीं देने पर आरोपित ने पुलिस अधिकारियों को स्थानांतरित करवाने की धमकी तक दी थी। बार-बार अभिजीत फोन कर पुलिस अफसर को परेशान कर रहा था। इसी बीच रमणरेती पुलिस चौकी प्रभारी दुष्यंत कौशल को इस्कान मंदिर के एक कर्मचारी ने सूचना दी कि इस्कान गेस्ट हाउस में एक व्यक्ति खुद को आइबी का डीआईजी बताकर ठहरने को कमरे के बंदोबस्त करने की धमकी दे रहा है। पुलिस आरोपित को पहले से ही तलाश कर रही थी। सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल पुलिस टीम के साथ इस्कान मंदिर के गेस्ट हाउस पहुंचे और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। उससे पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की गई तो आरोपित ने असलियत पुलिस को बता दी। वह इसी तरह लोगों और अधिकारियों को धमका कर धोखाधड़ी करता है। आरोपित को पुलिस ने अफसरों को धमकी देने, फर्जी तरीके से खुद को लोक सेवक (आइबी का डीआइजी) बताने, धोखाधड़ी व धमकी देने के आरोप में जेल भेजा है।
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