बाबा नीम करौरी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ की निर्माता को मिला सम्मान, संत प्रेमानंद के भी किए दर्शन

वृंदावन में अनुप्रिया नागर को ‘रामायणी सम्मान’, संस्कृति आधारित सिनेमा के लिए संतों ने किया सम्मानित

वृंदावन। धर्मनगरी वृंदावन में बुधवार को आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में फिल्म जगत की युवा प्रतिभा अनुप्रिया नागर को ‘रामायणी सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान रामायणी रिसर्च काउंसिल की ओर से प्रदान किया गया, जिसमें ब्रज के संतों एवं धर्माचार्यों ने 21 वर्षीय फिल्म निर्माता को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह में संतों और धर्माचार्यों ने अनुप्रिया नागर के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें संस्कृति, परंपरा और सनातन मूल्यों पर आधारित सिनेमा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद मीडिया से बातचीत में अनुप्रिया नागर ने अपने फिल्म निर्माण के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि बाबा नीम करौरी महाराज के जीवन और उनके आध्यात्मिक प्रभाव से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को सीमित संसाधनों के बीच तैयार किया गया है। उन्होंने इस कार्य को अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि न मानते हुए इसे बाबा नीम करौरी महाराज की कृपा और आशीर्वाद का परिणाम बताया।
अनुप्रिया ने कहा कि उनका उद्देश्य भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और सनातन मूल्यों से जुड़े विषयों को सिनेमा के माध्यम से प्रभावी रूप से प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा कि युवाओं तक भारतीय आध्यात्मिक विरासत और प्रेरणादायी प्रसंगों को आधुनिक माध्यमों से पहुंचाना आज के समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम से पूर्व अनुप्रिया नागर अपने परिजनों के साथ संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए भी पहुंचीं जहां उन्होंने आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात आयोजित सम्मान समारोह में संतों ने उनके प्रयासों की सराहना की और उन्हें आगे भी इसी दिशा में कार्य करने का आशीर्वाद दिया।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने फिल्म निर्माण की यात्रा और संघर्षों का भी उल्लेख किया। कम उम्र में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखने वाली अनुप्रिया का कहना था कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर कार्य करना उनके लिए केवल व्यावसायिक प्रयास नहीं, बल्कि भारतीय परंपराओं से जुड़ने और उन्हें व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का माध्यम भी है।