जून में रिटेल महंगाई 4.38% के 17 महीने के उच्च स्तर पर , कांग्रेस ने केंद्र पर साधा निशाना, पीएम से जवाब की मांग
नई दिल्ली । जून महीने में रिटेल महंगाई दर बढ़कर 4.38 फीसदी पर पहुंच गई है, जो पिछले 17 महीनों का उच्चतम स्तर है। इस आंकड़े ने केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों को मुखर होने का मौका दे दिया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण आम परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। उन्होंने सरकार पर ‘झूठे वादों’ का आरोप लगाते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के इस दर्द पर चुप्पी कब तोड़ेंगे।
सरकारी डेटा के अनुसार, महंगाई में यह उछाल मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आया है, जहाँ खाद्य महंगाई दर मई के 4.78 फीसदी से बढ़कर जून में 5.32 फीसदी हो गई है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई) के आंकड़ों से स्पष्ट है कि ग्रामीण भारत पर इसका असर अधिक है, जहाँ महंगाई दर 4.74 फीसदी दर्ज की गई है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि चांदी, सोना, टमाटर और अदरक जैसी आवश्यक वस्तुओं के दाम काफी बढ़े हैं, जिससे मध्यम और गरीब वर्ग की कमर टूट रही है।
महंगाई के इस स्तर को रिजर्व बैंक के 4 फीसदी के औसत लक्ष्य से ऊपर माना जा रहा है, जिससे भविष्य में बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी का खतरा पैदा हो गया है। कांग्रेस नेता ने चिंता जताई कि इससे आम लोगों पर होम लोन और कार ईएमआई का बोझ और बढ़ सकता है। उन्होंने सरकार पर पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने और आम आदमी की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। बढ़ती महंगाई के बीच अब सरकार के लिए संतुलित आर्थिक नीति अपनाना एक बड़ी चुनौती साबित हो रही है।