बिना ले-आउट पास कराए बनाई जा रही थी कॉलोनी, प्राधिकरण की टीम ने बाउंड्रीवॉल और कच्ची सड़कें कीं ध्वस्त
उपाध्यक्ष के निर्देश और सचिव के नेतृत्व में प्रवर्तन दल ने की बड़ी कार्यवाही, अवैध कॉलोनाइज़रों में हड़कंप
मथुरा । मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने अवैध कॉलोनियों और बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ अपना कड़ा रुख बरकरार रखा है। सोमवार को प्राधिकरण की टीम ने कोसीकलां क्षेत्र में एक बड़ी कार्यवाही करते हुए लगभग 4000 वर्ग मीटर क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही एक कॉलोनी को मलबे में तब्दील कर दिया। प्राधिकरण की इस सख्त कार्यवाही से अवैध प्लॉटिंग करने वाले भू-माफियाओं और कॉलोनाइज़रों में हड़कंप मच गया है।
प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार कोसीकलां थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे-19 पर बृज वसुन्धरा कॉलोनी से आगे और बृज भूमि ढाबा के पास एक अवैध कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा था। यहाँ नीरज गोयल पुत्र तिरोकचन्द्र गोयल द्वारा लगभग 4000 वर्ग मीटर के बड़े भूभाग पर पहले से निर्मित कॉलोनी का अवैध विस्तार किया जा रहा था।
बिना किसी तकनीकी स्वीकृति और ले-आउट पास कराए यहाँ बाउंड्रीवॉल और कच्ची सड़कों का निर्माण कर ‘राधापुरम एन्क्लेव’ नाम से कॉलोनी काटी जा रही थी। इस अनाधिकृत निर्माण पर संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं के तहत वाद योजित किया गया था।
इस मामले की कानूनी सुनवाई के दौरान नियत तिथियों पर विपक्षी (कॉलोनाइज़र) अनुपस्थित रहे और प्राधिकरण की चेतावनी के बावजूद स्थल पर अवैध विकास कार्य जारी रखा गया। इसके चलते प्राधिकरण न्यायालय द्वारा बीते वर्ष 5 अगस्त 2025 को ही इस अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश पारित कर दिए गए थे।
निर्धारित समय सीमा के भीतर जब विपक्षी द्वारा स्वयं इस अनाधिकृत निर्माण और बाउंड्रीवॉल को नहीं हटाया गया, तो मंगलवार को प्राधिकरण की टीम ने मौके पर मोर्चा संभाल लिया। प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन. के सख्त निर्देशन और सचिव आशीष कुमार सिंह के सीधे नेतृत्व में प्रवर्तन दल भारी अमले के साथ मौके पर पहुँचा और ‘राधापुरम एन्क्लेव’ में किए गए अवैध निर्माण, बाउंड्रीवॉल और कच्ची सड़कों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
प्राधिकरण सचिव आशीष कुमार ने स्पष्ट किया है कि मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी सूरत में अवैध कॉलोनियों को पनपने नहीं दिया जाएगा। बिना ले-आउट और बिना नक्शा पास कराए निर्माण करने वालों के खिलाफ समय-समय पर ऐसी ही सख्त ध्वस्तीकरण की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।