भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 5.65 अरब डॉलर की भारी गिरावट , सोने की कीमतों में कमी और वैश्विक तनाव बना मुख्य कारण

मुंबई । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 26 जून को समाप्त सप्ताह में देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 5.654 अरब डॉलर की गिरावट के साथ 666.933 अरब डॉलर पर आ गया है। इस गिरावट का मुख्य कारण स्वर्ण भंडार के मूल्य में 5.394 अरब डॉलर की कमी है, जो वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण हुई है। साथ ही, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां भी 150 मिलियन डॉलर घटकर 541.067 अरब डॉलर रह गई हैं।
रुपये को बचाने की कवायद

इस साल फरवरी में विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर था, लेकिन इसके बाद से लगातार कमी देखी जा रही है। इसका एक प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है, जिसके चलते भारतीय रुपये पर भारी दबाव बना हुआ है। केंद्रीय बैंक लगातार बाजार में हस्तक्षेप कर डॉलर बेच रहा है ताकि रुपये की विनिमय दर को स्थिर रखा जा सके और देश की अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाया जा सके।
सरकार की जनता से विशेष अपील

देश के कीमती विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से संयम बरतने का आग्रह किया है। सरकार ने अपील की है कि अगले एक वर्ष तक नागरिक अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचें, ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग करें और सोने की खरीदारी को फिलहाल टाल दें। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से देश की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलेगी और विदेशी मुद्रा भंडार के क्षरण को रोकने में मदद मिलेगी।