गोपनीय शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने बिछाया जाल, रिश्वत के रुपयों के साथ रंगे हाथ दबोचा
मथुरा। जनपद के बिजली महकमे में उस समय हड़कंप मच गया, जब एंटी करप्शन ब्यूरो (आगरा) की टीम ने शुक्रवार दोपहर बाद एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कृष्णा नगर बिजली घर पर तैनात लिपिक (बाबू) सुरेश को उपभोक्ता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बाबू उपभोक्ता का विद्युत लोड कम करने के एवज में मोटी रकम की मांग कर रहा था। आगरा एंटी करप्शन ट्रैप टीम प्रभारी श्रीमती पूजा शर्मा, निरीक्षक एंटी करप्शन आगरा एवं उनकी टीम के द्वारा
कृष्णानगर बिजली विभाग, मथुरा मे रेवेन्यू असिस्टेंट के पद पर नियुक्त सुरेशचंद पुत्र स्व. गोकुलचंद्र निवासी काजीपाड़ा थाना रकावगंज, आगरा उम्र 59 साल को ₹5000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। अभियोग पंजीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार एक स्थानीय उपभोक्ता अपने कनेक्शन का विद्युत लोड कम करवाने के लिए पिछले काफी समय से कृष्णा नगर बिजली घर के चक्कर काट रहा था। वहां तैनात लिपिक सुरेश उसे काम करने के बजाय लगातार टरका रहा था और मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। जब पीड़ित उपभोक्ता ने काम न होने और इस कदर परेशान किए जाने का असल कारण पूछा, तो बाबू सुरेश ने सीधे शब्दों में कहा, “मुझको रिश्वत दो, उसके बाद ही तुम्हारा काम आगे बढ़ेगा।”
रिश्वतखोर बाबू की प्रताड़ना से तंग आकर उपभोक्ता ने हार मानने के बजाय इसकी लिखित शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो (आगरा) की टीम से कर दी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एंटी करप्शन टीम ने तत्काल एक गोपनीय योजना तैयार की।
शुक्रवार दोपहर बाद तय रणनीति के तहत जैसे ही पीड़ित उपभोक्ता रिश्वत की नकद धनराशि लेकर कृष्णा नगर बिजली घर पहुंचा और आरोपी लिपिक सुरेश को पैसे थमाए, वैसे ही पहले से घात लगाकर बैठी एंटी करप्शन की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। टीम ने उसके पास से रिश्वत की वह नकद धनराशि भी बरामद कर ली है।
भरे दफ्तर में अचानक हुई इस छापेमारी और बाबू की गिरफ्तारी से बिजली घर में मौजूद अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच खलबली मच गई। गिरफ्तारी के तुरंत बाद एंटी करप्शन की टीम कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए आरोपी लिपिक सुरेश को अपने साथ आगरा ले गई है, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।