कोलकाता । विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत गुरुवार को राज्य के 16 जिलों की 152 सीटों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हुआ। विशेष गहन पुनरीक्षण (एफआईआर) की लंबी प्रक्रिया के बाद हुए इस पहले मतदान को लेकर हरेक वर्ग का भारी उत्साह देखने को मिला।
मतदान केंद्रों पर अभूतपूर्व सुरक्षा बंदोबस्त के बीच युवाओं से लेकर वरिष्ठजनों तक सबने वोट डाला। महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली। विभिन्न राज्यों से लौटे प्रवासी श्रमिकों ने भी अच्छी संख्या में मतदान किया। बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के अनुसार रात 9 बजे तक 92.35 प्रतिशत वोट पड़े हैं, जो 2021 की तुलना में 10 प्रतिशत से भी अधिक है।
चूंकि विभिन्न मतदान केंद्रों में शाम छह बजे के बाद भी मतदाताओं की कतारें लगी थीं, इसलिए अंतिम आंकड़ा बढ़ सकता है। शाम छह बजे तक दक्षिण दिनाजपुर में 94.87 प्रतिशत व कूचबिहार में 94.58 प्रतिशत प्रतिशत वोट पड़े। बंगाल की सबसे हाट सीट में से एक नंदीग्राम में 91.87 प्रतिशत मतदान हुआ। मालूम हो कि 2021 के विस चुनाव में इन 16 सीटों पर 81.46 प्रतिशत वोट पड़े थे।
मतदान चलने के दौरान अस्वस्थ होने के चार लोगों की मौत हो गई। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशपुर में वोट डालकर घर लौटे शेख बाबलू (66) अचानक अस्वस्थ हो गए। अस्पताल ले जाने पर उनकी मौत हो गई। केशपुर की ही इसरातन बीबी की भी अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई।
मालदा के मालतीपुर में एक महिला की मतदान केंद्र में तबीयत बिगड़ जाने से मौत हो गई। वहीं बीरभूम के सिउड़ी में वोट देते जाते वक्त असीम राय नामक व्यक्ति की अस्वस्थ होने से मौत हो गई।
पहले चरण का मतदान संपन्न होने के साथ कई दिग्गजों की सियासी किस्मत इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कैद हो गई हैं। इनमें नंदीग्राम में भाजपा के सुवेंदु अधिकारी, बहरमपुर से कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, खड़गपुर सदर से भाजपा के दिलीप घोष, सिलीगुड़ी से तृणमूल के गौतम देब व भाजपा के शंकर घोष, दिनहाटा से तृणमूल के उदयन गुहा, मालतीपुर से कांग्रेस की मौसम बेनजीर नूर, मयना से भाजपा के अशोक डिंडा, नउदा व रेजीनगर से आम जनता उन्नयन पार्टी के हुमायूं कबीर व माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी से कांग्रेस के शंकर मालाकार उल्लेखनीय हैं।