अब प्लास्टिक मुक्त होगा ब्रज: कचरे से बनेंगी जैकेट और टी-शर्ट, हैदराबाद की संस्था के साथ बड़ा करार

कार्यालय संवाददाता
मथुरा। ब्रज क्षेत्र को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने संयुक्त रूप से हैदराबाद की प्रतिष्ठित संस्था अवेसा सस्टेनेबिलिटी फाउंडेशन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल के तहत ब्रज क्षेत्र में प्लास्टिक कचरे की स्थिति का वैज्ञानिक अध्ययन कर ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी, जिससे ब्रज को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सके।
शुक्रवार को ब्रज तीर्थ विकास परिषद कार्यालय में हुए इस समझौते के बाद अवेसा सस्टेनेबिलिटी फाउंडेशन ब्रज क्षेत्र में प्लास्टिक अपशिष्ट के उत्पादन, उसके फैलाव, संग्रहण और निस्तारण की पूरी श्रृंखला का सर्वे करेगी। इसके साथ ही स्थानीय दुकानदारों तीर्थयात्रियों और निवासियों की आदतों व व्यवहार का भी विश्लेषण किया जाएगा ताकि यह जाना जा सके कि प्लास्टिक प्रदूषण किस स्तर पर और किन कारणों से बढ़ रहा है। इस अध्ययन के आधार पर ब्रज को प्लास्टिक-मुक्त बनाने के लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी। योजना के तहत एकत्रित प्लास्टिक कचरे को रीसाइकिल कर टी-शर्ट, जैकेट और अन्य उपयोगी वस्तुओं में बदला जाएगा। इससे जहां पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
एमओयू पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल, मथुरा-वृंदावन नगर निगम के अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह और अवेसा सस्टेनेबिलिटी फाउंडेशन के संस्थापक अक्षय देशपांडे ने हस्ताक्षर किए। एमओयू से पहले संस्था द्वारा मथुरा और वृंदावन में दो दिवसीय जन-जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इस दौरान बीएसए डिग्री कॉलेज और हजारीमल सोमाणी इंटर कॉलेज के आसपास लगभग 1200 छात्र-छात्राओं ने 350 किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक कचरा एकत्र किया। एकत्र किए गए कचरे में प्लास्टिक बोतलें, पॉलिथीन, चिप्स-चॉकलेट के रैपर और गुटखा-पाउच शामिल रहे।
ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल ने कहा कि ब्रज केवल आस्था का केंद्र नहीं बल्कि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय धरोहर है। इसे प्लास्टिक प्रदूषण से बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। यह समझौता ब्रज को स्वच्छ और टिकाऊ विकास की ओर ले जाने वाला एक निर्णायक कदम साबित होगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से जन-जागरूकता और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि ब्रज क्षेत्र को स्थायी रूप से प्लास्टिक-मुक्त बनाया जा सके।