महाराष्ट्र डिप्टी CM अजीत पवार की प्लेन क्रैश में मौत , लैंडिंग के दौरान हादसा

मुंबई । महाराष्ट्र के बारामती में उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया है । लैंडिंग के वक्त विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। इस हादसे में चार अन्य लोगों की भी जान चली गई। निजी विमान एयरपोर्ट पर उतरते समय क्रैश हुआ है। अजित पवार जिला परिषद चुनावों को लेकर आज (बुधवार) बारामती आ रहे थे। घटनास्थल से वीडियो भी सामने आया है। जो कि काफी डरावनी है। घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ मौजूद हैं। विमान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है।

प्लेन हादसे की 3 तस्वीरें…

बारामती में विमान क्रैश होते ही उसमें आग लग गई। कुछ मिनट में ही पूरा प्लेन जलकर खाक हो गया।
बारामती में विमान क्रैश होते ही उसमें आग लग गई। कुछ मिनट में ही पूरा प्लेन जलकर खाक हो गया।
आग बुझाने के बाद विमान के टुकड़े रनवे के पास बिखरे नजर आ रहे थे। इसमें सवार सभी लोगों की जान चली गई है।
आग बुझाने के बाद विमान के टुकड़े रनवे के पास बिखरे नजर आ रहे थे। इसमें सवार सभी लोगों की जान चली गई है।
बारामती एयरपोर्ट पर हादसे के बाद जलते हुए विमान की तस्वीर, इसमें बायीं तरफ एक शव दिखाई दे रहा है।
बारामती एयरपोर्ट पर हादसे के बाद जलते हुए विमान की तस्वीर, इसमें बायीं तरफ एक शव दिखाई दे रहा है।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक मुंबई से बारामती जा रहा चार्टर प्लेन बारामती में सुबह 8.45 बजे क्रैश लैंड हो हुआ है। डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने घटना को लेकर बताया कि बारामती क्रैश लैंडिंग में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, 2 और लोगों (1 पीएसओ और 1 अटेंडेंट) और 2 क्रू (PIC+FO) सदस्यों के साथ विमान में सवार थे। विमान में सवार कोई भी व्यक्ति इस दुर्घटना में जीवित नहीं बचा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से संपर्क किया और बारामती प्लेन क्रैश के बारे में जानकारी और अपडेट लिए हैं।

बता दें कि अजित पवार मंगलवार को मुंबई में थे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र कैबिनेट की अवसंरचना समिति की बैठक में भाग लिया था। अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपमुख्यमंत्री थे, जिन्होंने लगातार छह बार यह पद संभाला। 1982 में अजित पवार ने एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड में चुने जाने के बाद अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। 1991 में वे पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष चुने गए।