मथुरा। मंगलवार सुबह अनाज मंडी प्रशासन ने प्रवेश द्वारों पर ताले डाल दिए। मंडी में जाम के चलते दो दिन से धान की बोरियों की लोडिंग न होने के चलते ये निर्णय लिया गया। इधर धान-बाजरा लेकर आए किसानों ने हंगामा कर दिया। इसके चलते हाइवे पर वाहनों की कतार लग गई। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार ने बताया कि कुछ देर के लिए ऐसी स्थिति बनी थी कि गेट बंद करने पड़े लेकिन वाहनों को नियंत्रित करने के बाद गेट खोल दिए गए।
कृषि उपज मंडी में सोमवार सुबह से धान की लोडिंग करने वाले श्रमिकों ने हड़ताल कर दी। मजदूरों की यूनियन के संतोष कुमार ने बताया कि आढ़तिया सड़क पर धान को खुलवाकर तुलाई करते है जिसके चलते लोडिंग वाहन माल तक नहीं पहुंच पाता है। इधर खाली वाहनों से मंडी में हर समय जाम लगा रहता है ऐसे में लोडिंग का कार्य संभव नहीं है। उन्होंने लोडिंग कार्य के समय को निर्धारित करने की मांग की ताकि मजदूरों को दैनिक कार्यो के लिए समय मिल सके।
खाली वाहनों से लगता है जाम
मंडी में जाम की दो बड़ी वजह है। पहला आढ़तियों द्वारा कृषि उपज को सड़क पर खलवाया जा रहा है ऐसे में लोडिंग वाहनों के लिए जगह ही नहीं रहती। दूसरा खाली वाहनों का मंडी परिसर के अंदर ही खड़ा होना है। इन दोनों ही समस्याओं पर लोडिंग मजदूर यूनियन ने कड़ी आपत्ति जताते हुए समस्या के निराकरण की मांग की है।
नीलामी चबूतरों पर अस्थाई आवंटन
मंडी समिति में कृषि उपज की नीलामी के लिए पांच नीलामी चबूतरें भी बनाए गए है। ताकि किसानों की फसल बरसात, आवारा पशुओं से सुरक्षित रह सके। लेकिन राजस्व के लिए मंडी परिसर ने नीलामी चबूतरों पर अस्थाई आवंटन कर दिए है। ऐसे में किसानों की उपज की नीलामी खुले आसमान के नीचे होती है।