मथुरा। यमुना के बढ़ते जल स्तर से जनपद में गहराए बाढ़ सकंट से हजारों की संख्या में आम लोगो का दिन रात का चैन हवा में उड़ गया है, जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी अपने अपने स्तर से राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए है। खासकर मुखिया जिलाधिकारी सीपी सिंह तो प्रतिदिन दलबल के साथ एक-एक बाढ़ चौकी पर जाकर जनता की परेशानियों का निस्तारण कर रहे है। सभी प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सकों की टीम दवाओं के साथ तैनात है।
सबसे अधिक मांट और सदर तहसील के क्षेत्र की स्थिति को बाढ़ ने गंभीर बना दिया है। पिछले 24 घंटे के दौरान पानी तेजी से बढ़ा है। इससे स्थिति ज्यादा खराब हो गई। खादर की कालोनियों से लोगों को तहसील प्रशासन बाहर निकलने में जुट गया है। युद्धस्तर पर प्रभावित लोगों को रोजमर्रा की खान पीन की वस्तुओं के पैकेट उपलब्ध कराये जा रहे है। शनिवार को एसडीएम सदर आईएएस अभिनव जैन और एडीएम वित्त पंकज वर्मा ने नाव में बैठकर बाढ़ ग्रस्त इलाकों में लोगों को राशन सामिग्री सौंपी। जिला प्रशासन द्वारा बड़ी संख्या में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों से निरंतर पशुओं जानवरों को रेस्क्यू किया जा रहा हे।

जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने मांट तहसील के ग्राम पंचायत अड्डा मल्हान में बाढ़ राहत केंद्र का निरीक्षण किया। उप जिलाधिकारी मांट, जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि बच्चों के लिए दूध, चॉकलेट, बिस्कुट आदि की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से की जाए वही बाढ़ चौकी लक्ष्मी गार्डन से गौवंश श्री मद बल्लभ गौशाला में संरक्षित कराए गए।
यमुना एक बार फिर दो साल पुराने अपने रौद्र रूप में आ गई है। जल स्तर 167 मीटर के निशान से भी 21 सेंटी मीटर उपर चला गया है। यह जनपद की बेहद चिंताजनक स्थिति है। हालाँकि इससे निपटने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी है। सरकारी तंत्र दिन रात बाढ़ से लोगों को बचाने में एक किए हुए है। जिलाधिकारी सीपी सिंह खुद व्यवस्थाओं की कमान संभाले हुए है। वे प्रत्येक केंद्र पर जाकर प्रभावित लोगों के खान पान की जानकारी ले रहे हैँ। लोगों को बाढ़ क्षेत्र से बाहर निकलवाने में जुटे हुए हैँ। अब पिछले 24 घंटे में बाढ़ का प्रभाव और गंभीर स्थिति में आ गया है। इसका सबसे ज्यादा असर सदर तहसील अंतर्गत महानगर की खादर की आबादी पर पड़ रहा है।
एसडीएम सदर आईएएस अभिनव जैन ने बताया कि शुक्रवार से शनिवार के मध्य यमुना के जल स्तर में बढ़ा इजाफा हुआ है। इससे बड़ी संख्या में खादर की कालोनियाँ चपेट में आ गई हैँ। घरों में पानी भर जाने पर प्रभावित लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। अभी भी लोग फंसे हुए हैँ। उन्हें बाहर निकाल ने के प्रयास जारी हैँ।
इधर एडीएम वित्त पंकज वर्मा भी राहत सामग्री पीड़ितों को पहुंचे में जुटे हैँ। प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों तक खानपान से जुड़ी सामग्री पहुंचाई जा रही है। इस कार्य में सामाजिक संस्थाओं की भी मदद ली जा रही है। एडीएम श्री वर्मा के अनुसार फ़िलहाल यमुना जलस्तर स्थिर स्थिति में है।
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