मथुरा। श्री दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान द्वारा रतन कुंड चौबियापाड़ा स्थित कैंप कार्यालय पर संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी की अध्यक्षता में खग्रास चंद्रग्रहण को लेकर विचार मंथन गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि कल पूर्णिमा तिथि 07 सितं को रात्रि 9 बजकर 57 मिनट से मध्यरात्रि 01 बजकर 27 मिनट तक यह खग्रास चंद्रग्रहण सम्पूर्ण भारत वर्ष व विश्व भर में दिखाई देगा। इस ग्रहण की अवधि 3 घण्टा 30 मिनट तक रहेगी और भारतीय परम्पराओं के अनुसार इस ग्रहण का सूतक मध्यान्ह 12 बजकर 57 मिनट से लग जाएगा। उन्होंने कहा कि जिनका जन्म पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में हुआ है कुंभ राशि है वे जातक इस ग्रहण को न देखें और पूरे ग्रहण काल में दान धर्म-कर्म व भगवत नाम का जाप करते रहें।
इस अवसर पर संस्कृत भारती ब्रजप्रांत मथुरा जनपद अध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर ने कहा कि भाद्रपद पूर्णिमा को वर्ष का दूसरा व आखरी चन्द्र ग्रहण है इसका प्रभाव पूरे विश्व भर में रहेगा। वर्तमान में विश्व के अनेक देशों के वैज्ञानिकों द्वारा हमारे ज्योतिषशास्त्र को मान्यता देते हुए अनेक विषयों पर शोध कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा सूतक काल में दूषित वातावरण होने के कारण अनावश्यक बाहर नहीं निकलना चाहिए और भोजन व खान पीन से बचना चाहिए । इस अवसर पर ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक चतुर्वेदी व साहित्याचार्य शरद चतुर्वेदी ने कहा कि इस वर्ष पितृपक्ष के प्रारंभ में 7 सितंबर रविवार को चन्द्रग्रहण और पितृपक्ष के समापन पर 21 सितंबर को आंशिक सूर्यग्रहण है इसे ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से दुर्लभ योग माना जा रहा है और खगोलिय दृष्टि से आसमान में अद्भुत संयोग बन रहा है जिससे देश दुनिया में उथल-पुथल व दैवीय आपदाओं का प्रभाव रहेगा। पितृपक्ष में दान धर्म-कर्म व भगवत स्मरण करते रहें।
इस अवसर पर सौरभ शास्त्री, मनीष, ऋषभ देव, गोविंद देव, मनोज पाठक, निरंजन शास्त्री आदि ने भी अपने सारगर्भित विचार व्यक्त करते हुए सभी से ग्रहण काल में सावधानी बरतने तथा दान धर्म-कर्म व भगवत स्मरण करते रहने की सलाह दी।
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