उत्तर प्रदेश में बारिश के कारण नदियाँ और नाले उफान पर, वाराणसी में गंगा का कहर

वाराणसी । उत्तर प्रदेश में भी बारिश के कारण नदियाँ और नाले उफान पर हैं। वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी में बाढ़ आ गई है। काशी में गंगा और वरुणा नदी के किनारे करीब 30,000 घर डेंजर जोन में हैं, और लोगों ने पलायन की तैयारी शुरू कर दी है। दशाश्वमेध घाट पर जल पुलिस बूथ और गंगा मंदिर में पानी घुस गया है। मणिकर्णिका घाट की गलियों में पानी भरने से दुकानें बंद हो गई हैं और अब यहाँ नावें चल रही हैं। शवों का अंतिम संस्कार ऊपरी सीढ़ियों और छतों पर हो रहा है, जिससे शवों की कतारें लग गई हैं। पुराने अस्सी घाट की ओर भी पानी गलियों में बहने लगा है और नए अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस का मंच डूब गया है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और पांच सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहा है। गुरुवार रात 8 बजे से शुक्रवार शाम 4 बजे तक 20 घंटे में गंगा का जलस्तर 83 सेमी बढ़ गया था। वरुणा नदी से जुड़े नालों के किनारे के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में धूप निकलने के साथ ही गंदगी की सड़न से दुर्गंध फैल रही है, जिससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। नगर निगम द्वारा कीटनाशक दवा का छिड़काव नहीं किया गया है। सलारपुर, पुलकोहना, दनीयलपुर जैसे इलाकों के दर्जनों मकानों में बाढ़ का पानी घुस गया है और गंदगी से बीमारियाँ फैलने का खतरा बढ़ गया है। गंगा का पानी बढ़ने से ढाब क्षेत्र के मोकलपुर, गोबरहां, रामपुर, रामचंदीपुर, मुस्तफाबाद रेता पर के गांवों में किसानों की लौकी, नेनुआ, करैला, परवल और कोहड़ा जैसी फसलें डूबने लगी हैं। इस मानसून सीजन में देशभर में अब तक सामान्य से प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। हरियाणा, ओडिशा, मध्य प्रदेश, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव ऐसे राज्य हैं जहाँ बहुत ज्यादा बारिश हुई है। 1 जून से 16 जुलाई तक देश में 331.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य 304.2 मिमी से अधिक है।

गंगा का पानी बढ़ने से तटवर्ती गांवों संग ढाब क्षेत्र के मोकलपुर, गोबरहां, रामपुर, रामचंदीपुर, मुस्तफाबाद रेता पर के लोगों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। गंगा की तलहटी और गंगा सोता के किनारे खेतों में लगी लौकी, नेनुआ, करैला, परवल और कोहड़ा संग हरे चारे की फसलें डूबने लगी हैं। अंत्येष्टि स्थल मुस्तफाबाद रेता पर जाने वाले मार्ग सहित चारों तरफ बाढ़ का पानी भर गया है। पानी का तेज बहाव होने से किसानों संग आमजन की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। उपजिलाधिकारी सदर का कहना है कि ढाब क्षेत्र के साथ बाढ़ से प्रभावित होने वाले संभावित गांवों में राजस्व विभाग के लोग जा रहे हैं। रामपुर प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ प्रभावितों के लिए आश्रय स्थल बनकर तैयार है। वहां पर राजस्व टीम भी सक्रिय है।