मथुरा। महानगर के कच्ची सड़क क्षेत्र स्थित टीला काटकर जमीन समतलीकरण के दौरान हुए हादसे के बाद जन चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय जनता में चर्चा थी कि उक्त स्थान को माया टीला के नाम से जाना जाता है। जब यह टीला था तो सरकार द्वारा संरक्षित टीले की खरीद फरोख्त बगैर पुरातत्व विभाग की अनुमति के कैसे हो रही थी। नियमों के तहत संरक्षित स्थान पर किसी भी सूरत में निर्माण करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि उक्त जगह सिद्ध बाबा मंदिर की है जिसे कोई बेच नहीं सकता है । बहुत लोग इस स्थान को अंबरीश टीला भी बोलते है।
वर्तमान में बताया जा रहा है कि यहां पर स्कूटर कार पार्किंग है जिसमें गाड़ी खड़ी करने की एवज में महीनेदारी ली जाती है। फिलहाल काम चलने के कारण वहां कोई वाहन वहां पार्क नहीं था। चर्चा यह भी है कि उक्त जगह टीला सुनील चैन की थी जिसे उन्होंने कन्नू इत्यादि को बेच दिया है । इस टीले की खरीद में कई नामचीन लोग पार्टनर है जिनका खुलासा जांच के दौरान हो पायेगा। सूत्रों का कहना है इस जमीन की खरीद कई रजिस्ट्री के माध्यम से हुई है। चर्चाओं में इस जमीन की कीमत एक लाख रु गज बताई जाती है।
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