बांके बिहारी कॉरिडोर को लेकर अधिकारियों ने फिर की मीटिंग: व्यापारी, गोस्वामियों से किया ढाई घंटे मंथन
वृंदावन। बांके बिहारी कॉरिडोर और अध्यादेश को लेकर एक बार फिर अधिकारियों ने बैठक की। बुधवार दोपहर पर्यटक सुविधा केंद्र पर हुई बैठक में मंदिर के गोस्वामी, प्रभावित क्षेत्र के व्यापारी और स्थानीय लोग शामिल हुए। ढाई घंटे तक चली बैठक में अधिकारियों ने कॉरिडोर और अध्यादेश से प्रभावित होकर लोगों के इसके फायदे समझाने के प्रयास किए।
पर्यटक सुविधा केंद्र पर अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन अनुपमा कुलश्रेष्ठ की अध्यक्षता में हुई बैठक में कमिश्नर शैलेन्द्र कुमार सिंह, डी आई जी शैलेश पांडे, डीएम चंद्र प्रकाश सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार, एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बुलाए गए मंदिर के गोस्वामी और प्रभावित क्षेत्र के व्यापारियों से ढाई घंटे तक मंथन किया। अधिकारियों ने उनके मन की बात सुनी।
बैठक में शामिल होने पहुंचे मंदिर के पुजारी अशोक गोस्वामी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 2022 में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर मंगला आरती के दौरान हुए हादसे के दोषियों पर आज तक कार्यवाही नहीं हुई। सरकार अध्यादेश लाकर न्यास बना रही है जबकि मंदिर स्वामी हरिदास जी के वंशजों का है। इसके साथ ही कुछ लोगों ने कॉरिडोर का समर्थन भी किया।
बैठक में कमिश्नर शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि लगातार लोगों से बातचीत की जा रही है। इसके पीछे मंशा है कि कॉरिडोर और अध्यादेश की जो विशेषता हैं उसके बारे में जानकारी दी जाए जिसके उनके मन में तमाम संशय हैं उनको दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि 1939 में जो सुप्रीम कोर्ट का आदेश था उस समय से लेकर अब तक बहुत बदलाव हुआ है। वर्तमान में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ी है।उन्होंने कहा कि सभी के हितों का ध्यान रखा जाएगा।

प्रशासन जहां मीटिंग कर रहा था वहीं दूसरी तरफ बांके बिहारी मंदिर पर तीर्थ पुरोहित प्रदर्शन कर रहे थे। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय संरक्षक महेश पाठक के नेतृत्व में तीर्थ पुरोहितों ने किशोरपुरा से बांके बिहारी मंदिर तक पैदल मार्च किया और कॉरिडोर के विरोध में जमकर नारेबाजी की। हाथों में पोस्टर लिए तीर्थ पुरोहित बांके बिहारी मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंचे।
कॉरिडोर और अध्यादेश के विरोध में प्रदर्शन करने पहुंचे तीर्थ पुरोहितों का मंदिर के पुजारियों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इसके बाद मंदिर के मुख्य द्वार पर एक छोटी सभा की गई। जिसमें तीर्थ पुरोहितों ने गोस्वामी समाज का हर संभव साथ देने का वादा किया। महेश पाठक ने कहा कि तीर्थ पुरोहित इस मुद्दे पर उनके साथ हैं अगर उनकी प्रशासन से बात नहीं बनती तो वह इस मुद्दे को भारत के हर तीर्थ में ले जाएंगे और वहां प्रदर्शन करेंगे।