राया एक्सप्रेस वे पर गरजा ‘बाबा का बुलडोजर’: हेरिटेज सिटी की राह में आए अवैध होटल और कॉलोनियां जमींदोज, एक दर्जन जेसीबी ने किया तांडव

यमुना प्राधिकरण ने ध्वस्त किए अवैध निर्माण, मंदिर पर चले बुलडोजर को लेकर मचा भारी बवाल

​मथुरा विशेष संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘राया हेरिटेज सिटी’ के आड़े आ रहे अवैध निर्माणों पर बुधवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) का डंडा चला। भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे प्राधिकरण के दस्ते ने राया एक्सप्रेसवे के किनारे कुकुरमुत्ते की तरह उग आए अवैध होटलों और कॉलोनियों को नेस्तनाबूद कर दिया। घंटों चली इस कार्रवाई से भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया।

प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में सुबह कई जेसीबी मशीनें और बुलडोजर राया सर्विस लेन पर पहुंचे। देखते ही देखते निर्माणाधीन होटलों की दीवारें और अवैध कॉलोनियों की सड़कें ध्वस्त कर दी गईं। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी जमीन मास्टर प्लान के अंतर्गत आती है, जहां बिना अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।

राम-जानकी मंदिर पर चला बुलडोजर, ट्रस्ट में आक्रोश
के दौरान सबसे बड़ा विवाद निर्माणाधीन मंदिर को लेकर हुआ। मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बुलडोजर के आगे खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। ट्रस्ट का आरोप है कि यहाँ भगवान श्रीराम और माता जानकी का भव्य मंदिर बन रहा था, जिसे बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के ढहा दिया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सीधे तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कार्रवाई है। प्रशासन ने इस विरोध के बावजूद निर्माण को अवैध बताते हुए कार्रवाई जारी रखी।

‘नक्शा नहीं तो निर्माण नहीं’, रडार पर कई और प्रोजेक्ट्स
ओएसडी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन के दोनों ओर बिना प्राधिकरण की अनुमति के कोई भी निर्माण नहीं हो सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन लोगों ने नोटिस के बावजूद काम नहीं रोका है, उनकी सूची तैयार है। आगामी दिनों में राया कट और आसपास के क्षेत्रों में और भी बड़े ध्वस्तीकरण अभियान देखने को मिल सकते हैं। प्राधिकरण ने निवेश करने वाले आम लोगों से भी अपील की है कि वे अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें।

पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट आगरा मंडल के आयुक्त नगेंद्र प्रताप को भेज दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हेरिटेज सिटी प्रोजेक्ट के दायरे में आने वाली एक-एक इंच जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। मौके पर अभी भी पीएसी और स्थानीय पुलिस तैनात है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।