Browsing Category

धर्म

प्रह्लाद के गुरु का साधना-स्थल

पूरे देश में महादेव के नौ नाथ की उत्पत्ति-कथा और माहात्म्य बड़ी श्रद्धा से कहे-सुने जाते हैं। ऐसा ही एक शिवालय बिहार के गया क्षेत्र के फतेहपुर अंचल में है, जिसे संडेश्वर नाथ महादेव के नाम से जाना जाता है और उसकी गिनती मगध के नौ नाथों में…
Read More...

प्राण और शरीर का योग है जीवन

प्रकृति आनंद से भरीपूरी है लेकिन मनीषियों ने संसार को दुखमय बताया है। दुख और आनंद साथ-साथ नहीं रह सकते। संसार वस्तुतः हमारे मन का सृजन है। प्रकृति सदा से है। आनंद से भरी पूरी होने के कारण ही वह सतत् सृजनरत है। संसार इसी का भाग है। तो भी…
Read More...

काबू में रखें कामनाएं

-आचार्य डॉ.लोकेशमुनि- यह एक सत्य है कि शरीर में जितने रोम होते हैं, उनसे भी अधिक होती हैं-इच्छाएं। ये इच्छाएं सागर की उछलती-मचलती तरंगों के समान होती हैं। मन-सागर में प्रतिक्षण उठने वाली लालसाएं वर्षा में बांस की तरह बढ़ती ही चली जाती…
Read More...