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धर्म
सभी के लिए आदर्श हैं भगवान श्रीराम
भगवान श्रीराम की मातृ-पितृ भक्ति भी बड़ी महान थी वो अपने पिता राजा दशरथ के एक वचन का पालन करने 14 वर्ष तक वनवास काटने चले गए और माता कैकयी का भी उतना ही सम्मान किया। भातृ प्रेम के लिए तो श्रीराम का नाम सबसे पहले लिया जाता है उन्होंने अपने…
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मौत के बाद आत्मा के साथ कुछ ऐसा होता है!
इंसान अगर पृथ्वी पर अच्छे कर्म किए हैं तो बार-बार के जीवन से मुक्ति मिलती है और उसको मोक्ष की प्राप्ति होती है। पुराणों में कहा गया है कि मरने के बाद इंसान यदि स्वर्ग जाता है तो उसकी आत्मा को सभी सुख दिए जाते हैं। अगर कोई इंसान पृथ्वी पर…
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मुश्किलों से उबरने के लिए बुद्धि और वीरता का सहारा लेना चाहिए, पशु-बलि का नहीं!
गौतम बुद्ध के काल में एक राजा था अजातशत्रु। एक समय जब अजातशत्रु कई मुश्किलों से घिर गया, राजा मुसीबतों से बाहर निकलने का रास्ता नहीं खोज पा रहा था। इन परेशानियों के कारण अजातशत्रु की चिंता बहुत बढ़ गई थी। इसी दौरान उनकी भेंट एक तांत्रिक…
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वास्तु के हिसाब से इस दिशा का धन लाभ में सर्वाधिक महत्व ?
उत्तर दिशा धन, खजाना, नए अवसर की दिशा है। खजाने का अर्थ है-वह वस्तु जो धन, नकद में परिवर्तित हो सके। अग्नि कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा) से नकद कैश आता है पर उस कैश, धन को लाने का माध्यम उत्तर दिशा है। वास्तु शास्त्र में दिशाएं हमारे जीवन को…
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जब मुश्किल में हों प्राण, पढ़ें बजरंगबाण
क्या आप भयंकर मुसीबत से घिरे हैं? क्या परेशानियों से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा? अगर ऐसा है तो बजरंगबली का बजरंगबाण आपकी सहायता कर सकता है। कहा जाता है कि जहां बजरंगबाण का पाठ किया जाता है, वहां हनुमान जी स्वयं आ जाते हैं।…
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जीव का प्रवाह परमात्मा की ओर
नदी का प्रवाह निरंतर समुद्र की ओर ही होता है ठीक इसी प्रकार से परमात्मा के अंश जीव का प्रवाह भी अपने परम पिता परमात्मा की ओर ही निरंतर होता है। नदी अपने मार्ग की कठिनाइयों को सहन करते हुए, ऊंचे-नीचे पथरीले मार्गों के कष्ट को सहती हुई,…
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इनकी कृपा से स्वयं में भगवान देते हैं दर्शन, ऐसे होता है एहसास
-आर.डी. अग्रवाल ‘प्रेमी’-
पत्थर से निर्मित मूर्ति की पूजा कब होती है? जब मंत्र शक्ति द्वारा पुरोहित उसमें प्राण प्रतिष्ठित करते हैं। प्राण प्रतिष्ठा होने पर मूर्ति चौतन्य होनी चाहिए, लेकिन नहीं होती, जड़ ही रहती है। मनुष्य जड़ नहीं है,…
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कवर्धा के भोरमदेव मंदिर में करें शिवलिंग के दर्शन, पूरी होगी हर मुराद
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में 10वीं सदी के भोरमदेव मंदिर में शिवलिंग के दर्शन के बाद सुकून मिलता है। मंदिर देवताओं और मानव आकृतियों की उत्कृष्ट नक्काशी के साथ मूर्तिकला के चमत्कार के कारण सभी की आंखों का तारा है। यहां पूजन करने के लिए हर…
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पूजा कीजिए-उम्र बढ़ाइये
अगर आप प्रतिदिन आधा घंटा पूजा में अपना समय व्यतीत करते हैं तो आपको दिल का दौरा पड़ने की आशंका पचास फीसदी कम हो जाती है। अगर आप ईसाई हैं और नियमित रूप से चर्च जाकर ‘संडे प्रेयर’ में भाग लेते हैं तो आप में तनाव की संभावना साठ से अस्सी…
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शिव ने बनाया जीवन को मधुमय
-श्री श्री आनन्दमूर्ति-
सामाजिक क्षेत्र में मनुष्य के बीच जो व्यवधान था, उसे समाप्त कर मानवता के कल्याण के लिए शिव हमेशा प्रयत्नशील रहे। कोमलता व कठोरता के प्रतीक शिव ने मनुष्य को जो सबसे बड़ी वस्तु दी है, वह है धर्मबोध। इस कारण शिव ने…
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