राज्यसभा में गूंजी ‘एक विद्यालय–एक खेल मैदान’ की मांग: सांसद तेजवीर सिंह ने उठाया सरकारी स्कूलों में सिमटते मैदानों का मुद्दा
नई दिल्ली । संसद में शून्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद चौधरी तेजवीर सिंह ने देश तथा उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में खेल मैदानों के संरक्षण और खेल अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने का गंभीर मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राज्य सरकारों के सहयोग से पूरे देश में “एक विद्यालय–एक खेल मैदान” अभियान प्रारंभ किया जाए।
’खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ के संकल्प को मिलेगी गति
सदन में अपनी बात रखते हुए सांसद तेजवीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘खेलो इंडिया’, ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ और ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ (NEP) के माध्यम से खेलों को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाया गया है। सरकार का उद्देश्य देश में स्वस्थ, अनुशासित और आत्मनिर्भर युवा शक्ति का निर्माण करना है।
सांसद ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के कई सरकारी विद्यालयों में अतिक्रमण, अव्यवस्थित निर्माण और गैर-खेल गतिविधियों के कारण खेल मैदानों का क्षेत्रफल तेजी से घट रहा है या वे पूरी तरह समाप्त हो रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बच्चे खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों से वंचित हो रहे हैं, जिसका उनके सर्वांगीण विकास और नैसर्गिक खेल प्रतिभाओं के उभरने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
सांसद द्वारा केंद्र सरकार के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें:
’एक विद्यालय–एक खेल मैदान’ अभियान: केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर प्रत्येक सरकारी स्कूल में कम से कम एक खेल मैदान सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान चलाए।
विद्यालयों के खेल मैदानों से अवैध कब्जे हटाने के लिए एक निश्चित समय सीमा के भीतर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
सरकारी स्कूलों में बेहतर खेल अवसंरचना विकसित करने हेतु केंद्र सरकार विशेष बजट/वित्तीय मदद उपलब्ध कराए।
’विकसित भारत’ के निर्माण में खेलों की अहम भूमिका
सांसद तेजवीर सिंह ने जोर देकर कहा कि “स्वस्थ, अनुशासित एवं प्रतिभाशाली युवा पीढ़ी ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।” यदि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर से ही बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी, तो वे न केवल शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त होंगे, बल्कि वैश्विक मंचों पर देश का नाम भी रोशन करेंगे।