पेयजल संकट पर भड़का वार्ड-31, पार्षद मुन्ना मलिक ने खोला मोर्चा; गंगाजल आपूर्ति की उठाई मांग

मथुरा। महानगर के वार्ड संख्या-31 (सुखदेव नगर/नवनीत नगर) में गहराते पेयजल संकट और भीषण गर्मी के चलते जनता में बढ़ते आक्रोश के बीच स्थानीय पार्षद मुन्ना मलिक ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को उन्होंने नगर आयुक्त से मुलाकात कर क्षेत्र की गंभीर स्थिति से अवगत कराया और मुख्यमंत्री सहित उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

पार्षद मुन्ना मलिक ने बताया कि सुखदेव नगर, नवनीत नगर, पदमपुरी और राधिका धाम क्षेत्रों में लोग लंबे समय से अत्यधिक खारे और प्रदूषित भूजल का उपयोग करने को मजबूर हैं। पानी का TDS स्तर इतना अधिक है कि यह पीने योग्य तो दूर, सामान्य उपयोग के लिए भी उपयुक्त नहीं है। दूषित जल के कारण क्षेत्र में पेट व त्वचा संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जिससे हालात चिंताजनक हो गए हैं।

शासन को भेजे गए पत्र में पार्षद ने बताया कि मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में गंगाजल की कुल मांग 151 MLD से अधिक है, जबकि वर्तमान में मात्र 25 MLD ही उपलब्ध हो पा रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आवंटित 225 MLD गंगाजल का पूरा उपयोग नहीं हो रहा है।
उन्होंने मांग की कि ग्रामीण कोटे से वार्ड-31 को तत्काल शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए, आसपास के वार्डों में बिछी गंगाजल लाइनों को तकनीकी परीक्षण के बाद इस क्षेत्र से जोड़ा जाए तथा पेयजल आपूर्ति में देरी और लापरवाही की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए।

पार्षद मुन्ना मलिक ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री एवं प्रमुख सचिव (नगर विकास) को स्पीड पोस्ट के माध्यम से शिकायत भेजी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह मुद्दा केवल पानी की कमी का नहीं, बल्कि हजारों लोगों के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा है, जिस पर प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।