शिलान्यास हुआ, सड़क गायब ! ट्रांसपोर्ट नगर में गड्ढे, गंदगी और घोटाले की गूंज
3 करोड़ की सड़क कागजों में तैयार, जमीनी हकीकत में खस्ताहाल
मथुरा। आगरा-दिल्ली हाईवे स्थित ट्रांसपोर्ट नगर का मुख्य मार्ग पिछले कई वर्षों से जर्जर हालत में पड़ा हुआ है जिससे आम जनता, वाहन चालकों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों से भरी सड़क और टूटी सतह के कारण आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों द्वारा इस समस्या को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (ट्विटर) पर उठाया गया, जिसके बाद मीडिया ने भी इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा मौके पर एक शिलान्यास पट्टिका लगा दी गई जिसमें 16 अगस्त 2025 को ₹3 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण दर्शाया गया है। पट्टिका पर जनपद के सांसद, विधायक और एमएलसी के नाम भी अंकित हैं।
हालांकि जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। सड़क आज भी बदहाल स्थिति में है और अब तक कोई निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ है। इससे कार्य में वित्तीय अनियमितता और घोटाले की आशंका जताई जा रही है। इसी के साथ नगर निगम द्वारा क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के ढेर और मृत पशु फेंके जाने से हालात और भी खराब हो गए हैं। दुर्गंध और गंदगी के कारण क्षेत्र में जनस्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा सड़क का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने की भी अपील की गई है।
वर्तमान में ट्रांसपोर्ट नगर का मुख्य मार्ग बदहाली का प्रतीक बन चुका है। वर्षों से जर्जर पड़ी इस सड़क पर चलना आम लोगों के लिए चुनौती बन गया है। बावजूद इसके मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण ने ₹3 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण का दावा करते हुए शिलान्यास पट्टिका तो लगा दी लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्य नजर नहीं आता। सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं नगर निगम की लापरवाही भी उजागर हो रही है। क्षेत्र में कूड़े के ढेर और मृत पशुओं के फेंके जाने से हालात बेहद खराब हैं। बदबू और गंदगी के कारण आसपास के लोग परेशान हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
लोगों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि घोटाले की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क का तत्काल निर्माण और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया गया है। समाजसेवी विनोद दीक्षित ने इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विस्तृत जानकारी दी है।