भारतीय नववर्ष मेला 18 मार्च को सेठ बी.एन. पोद्दार इण्टर कॉलेज में

– भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत होगा नववर्ष मेला, पुरस्कार में मिलेगी नकद धनराशि
– मेला का मुख्य आकर्षण होगा बाबा सत्यनारायण मौर्य की संगीतमय प्रस्तुति ‘एक शाम राष्ट्र के नाम’

मथुरा। नववर्ष मेला समिति के तत्वावधान में भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या पर 18 मार्च को सेठ बीएन पोद्दार इंटर कॉलेज के मैदान में विशाल नववर्ष मेला आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर दीनदयाल नगर जुबली पार्क में आयोजित प्रेसवार्ता में जानकारी दी गई।

नववर्ष मेला समिति के महामंत्री प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि समिति पिछले 25 वर्षों से चैत्र शुक्ल प्रतिपदा संवत्सर की पूर्व संध्या पर भारतीय गौरवशाली परंपरा इतिहास और स्वाभिमान के प्रतीक भारतीय नववर्ष के उपलक्ष्य में विशाल मेले का आयोजन करती आ रही है। इस वर्ष यह मेला चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत 2083 की पूर्व संध्या चैत्र कृष्ण अमावस्या संवत 2082 तदनुसार 18 मार्च को विभिन्न सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रमों के साथ आयोजित होगा।

उन्होंने बताया कि इस समारोह के मुख्य अतिथि शैलेष कुमार पाण्डेय पुलिस उप महानिरीक्षक आगरा जोन होंगे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि चित्रकार गायक और प्रखर वक्ता बाबा सत्यनारायण मौर्य की मंचीय प्रस्तुति “एक शाम राष्ट्र के नाम” रहेगी।

प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार के उद्देश्य से वर्ष 2002 में नवसंवत्सर मेला शुरू किया गया था और तब से यह हर वर्ष आयोजित हो रहा है। इस वर्ष मेले के 25 वर्ष पूरे होने पर इसे रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मेले का शुभारंभ 18 मार्च को दोपहर एक बजे भूमि पूजन और हवन के साथ सेठ बीएन पोद्दार इंटर कॉलेज के मैदान में होगा। इसके बाद शाम साढ़े चार बजे से रंगोली रूप सज्जा सामूहिक और एकल नृत्य प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

नववर्ष समारोह का औपचारिक शुभारंभ शाम साढ़े छह बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ होगा। कार्यक्रम में आशीर्वचन पूज्य संत स्वामी कार्ष्णि गोविन्दानन्द महाराज श्री रमणरेती धाम महावन द्वारा प्रदान किए जाएंगे। रात साढ़े सात बजे से बाबा सत्यनारायण मौर्य की विशेष प्रस्तुति “एक शाम राष्ट्र के नाम” आयोजित होगी। इस अवसर पर समिति द्वारा प्रकाशित स्मारिका “नव प्रवाह” का विमोचन भी किया जाएगा।

समिति अध्यक्ष कमलेश अरोड़ा ने बताया कि भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुसार मेले में आने वाले सभी आगंतुकों का चंदन लगाकर स्वागत किया जाएगा। मेला से लौटते समय उन्हें नीम की कोपल मिश्री का प्रसाद नवसंवत्सर ग्रीटिंग कार्ड और गंगाजल भेंट स्वरूप दिया जाएगा।

मीडिया प्रभारी मुकेश शर्मा ने बताया कि मेले में बच्चों के लिए घोड़ा और ऊंट की सवारी झूले खेल तमाशा और खानपान की स्टॉल मुख्य आकर्षण रहेंगे। इसके साथ ही स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री राष्ट्रीय साहित्य केंद्र कुटीर उद्योग से बने वस्त्र और विभिन्न प्रकार की प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ कई मनोरंजक गतिविधियां आयोजित होंगी।

विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को मंच से नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। सामूहिक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 5100 रुपये द्वितीय को 3100 रुपये और तृतीय को 2100 रुपये दिए जाएंगे। एकल प्रतियोगिताओं में प्रथम को 2100 रुपये द्वितीय को 1100 रुपये और तृतीय को 500 रुपये का पुरस्कार मिलेगा।

प्रेसवार्ता में कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल सह कोषाध्यक्ष गंगाधर अरोड़ा और कान्हा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।