अवैध कार्यवाहियों के विरोध में विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियरों ने दी आंदोलन की चेतावनी

मथुरा । विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा अवर अभियंताओं के विरुद्ध की जा रही कथित अवैध कार्यवाहियों के विरोध में 14 मार्च 2026 को राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन, मथुरा की आकस्मिक सभा धर्मेंद्र सभागार में आयोजित की गई। सभा में उपस्थित अवर अभियंताओं ने एकमत से बिना पर्याप्त संसाधन और मैनपावर के उच्चाधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त की।

सभा को संबोधित करते हुए संगठन सचिव सतेंद्र मौर्य ने कहा कि जनपद मथुरा में सभी अवर अभियंता शासन की मंशा के अनुरूप बेहतर विद्युत आपूर्ति और राजस्व वसूली के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओटीएस योजना में मथुरा क्षेत्र के अव्वल रहने के बावजूद किसी विशेष मंशा के तहत केवल एक संवर्ग के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।

अवर अभियंता अनूप गौर ने कहा कि उच्चाधिकारी संसाधन उपलब्ध कराने में असफल रहे हैं और अपनी विफलता छिपाने के लिए अवर अभियंताओं पर कार्रवाई कर रहे हैं। वहीं ध्रुव साहू ने बताया कि विभागीय नियमों के अनुसार पर्याप्त मैनपावर उपलब्ध नहीं है। एक-एक अवर अभियंता के पास कई बिजलीघरों का चार्ज है और मात्र 9 संविदा लाइनमैनों के साथ 15 से 20 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति और राजस्व वसूली का कार्य 24 घंटे की तीनों शिफ्टों में करना पड़ रहा है। इसके कारण उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण में समय लगना स्वाभाविक है।

अवर अभियंता धीरज मिश्रा, रोहित वर्मा और राहुल साहू ने कोसी क्षेत्र में आ रही व्यावहारिक समस्याओं से सभा को अवगत कराया। वहीं सतीश चंद ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई वितरण ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हैं, लेकिन उनकी मरम्मत या बदलाव के बजाय अवर अभियंताओं को ही दोषी ठहराया जा रहा है, जिससे ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है।

अवर अभियंता कामरान ने आरोप लगाया कि ये कार्यवाहियां गुपचुप तरीके से बिना स्पष्टीकरण, पत्राचार या जांच के कागजों पर ही की जा रही हैं और संबंधित अभियंताओं को इसकी जानकारी भी नहीं दी जा रही है। सभा की अध्यक्षता कर रहे अवर अभियंता अशोक यादव ने कहा कि उच्चाधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई पूर्णतः अवैध है और यदि इसे नहीं रोका गया तो जल्द ही जनपद स्तर पर आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा घोषित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवर्ग के साथ अन्याय किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अंत में जनपद अध्यक्ष राकेश यादव ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए आगामी आंदोलन की रणनीति से अवगत कराया।