मथुरा । जनपद मथुरा में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के एमएलसी योगेश चौधरी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। न्यायालय के आदेश पर थाना हाईवे पुलिस ने उनके खिलाफ चौथ वसूली, धमकी और साजिश समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा भूमि विवाद से जुड़े मामले में दर्ज हुआ है जिसमें आरोप है कि आरोपियों ने जमीन के मामले में 5 करोड़ रुपये की चौथ की मांग की थी।
थाना हाईवे में दर्ज एफआईआर के अनुसार श्रीमती निधि अग्रवाल पत्नी हेमंत मित्तल निवासी कला कुंज कॉलोनी, भूतेश्वर, गोविंद नगर ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उन्होंने और उनके साझेदारों ने एनएच-2 जैंत क्षेत्र में करीब 5 एकड़ जमीन खरीदी थी जिसे बाद में आगे बेच दिया गया था और उसकी बाउंड्री भी करा दी गई थी।
आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन पर दावा ठोकने की कोशिश की और साजिश के तहत जमीन के एवज में चौथ मांगनी शुरू कर दी। शिकायत में कहा गया है कि एमएलसी योगेश चौधरी और उनके साथियों ने पीड़िता के परिवार पर दबाव बनाते हुए 5 करोड़ रुपये की मांग की और न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने पीड़िता के परिवार को अपने निवास पर बुलाकर फर्जी दस्तावेज दिखाए और कहा कि जमीन के बदले 5 करोड़ रु दे दो।
न्यायालय के आदेश के बाद भी जब थाना हाईवे में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो थाना प्रभारी को नोटिस जारी किया गया तब कही जाकर 8 मार्च को मुकद्दमा दर्ज हुआ।
थाना हाईवे पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 352 और 351(3) सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक रोहन कुचलिया को सौंपी गई है।
एफआईआर में एमएलसी योगेश चौधरी के अलावा यश चौधरी, मनीष अधिवक्ता, शुभम अग्रवाल और कृष्ण मुरारी अग्रवाल को भी नामजद किया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ज्ञात रहे कि एमएससी योगेश चौधरी पर इससे पूर्व करीब एक दर्जन मुकदमा अलग अलग थानों में दर्ज है। उनके नजदीकी सूत्रों का कहना है कि यह सभी मुकदमे राजनीतिक साजिश के चलते उनके नेता के खिलाफ दर्ज कराए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मुकदमा दर्ज किया गया है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बहराहल सत्यता कुछ भी हो पुलिस की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।