ओबीसी जातिगत जनगणना की मांग को लेकर मथुरा में प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन
भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा का चरणबद्ध आंदोलन; मांगें न मानीं तो 23 अप्रैल को भारत बंद की चेतावनी
मथुरा। ओबीसी की जातिगत जनगणना कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के तहत मथुरा में प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर सरकार से ओबीसी जातिगत जनगणना कराने की मांग उठाई।
कार्यक्रम का नेतृत्व राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला प्रभारी मैराज अली और प्रदेश उपाध्यक्ष क्षेत्रपाल सिंह निषाद ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंतर्गत मोर्चा के कार्यकर्ता पहले बट वृक्ष धरना स्थल पर एकत्रित हुए और वहां से शांतिपूर्वक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रतिनिधिमंडल से ज्ञापन प्राप्त कर उसे राष्ट्रपति को भेजे जाने की बात कही।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि ओबीसी की जातिगत जनगणना नहीं कराकर केंद्र सरकार पिछड़े वर्ग के साथ अन्याय कर रही है। साथ ही यूजीसी कानून को लागू करने के समर्थन में तथा वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त किए जाने की मांग भी उठाई गई।
जिला प्रभारी मैराज अली ने बताया कि यह आंदोलन राष्ट्रव्यापी स्तर पर चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। इसके दूसरे चरण में 13 मार्च 2026 को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन, तीसरे चरण में 23 मार्च 2026 को देश के 725 जिला मुख्यालयों पर रैली व प्रदर्शन किया जाएगा। यदि इसके बाद भी सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो 23 अप्रैल 2026 को भारत बंद का आह्वान किया जाएगा।
इस दौरान बहुजन मुक्ति पार्टी के कार्यकारी जिला अध्यक्ष महताब सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी इसराइल मलिक, बहुजन क्रांति मोर्चा के संयोजक मोहन सिंह, मीडिया प्रभारी चाँद कुरैशी सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।