मथुरा में सीबीआई अधिकारी बनकर महिला को किया डिजिटल अरेस्ट , 2.04 करोड़ की ठगी

साइबर पुलिस ने महिला सहित 5 शातिर ठग दबोचे

मथुरा। जनपद मथुरा में साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस ने 2 करोड़ 4 लाख रुपये की साइबर ठगी का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित पांच शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों ने मथुरा की एक महिला को फोन कर स्वयं को सीबीआई और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। ठगों ने महिला को झांसे में लेते हुए कहा कि उसके आधार कार्ड और सिम कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। इसके बाद महिला को डराने-धमकाने के उद्देश्य से उसे डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया।

आरोपियों ने बैंक खातों की जांच के नाम पर महिला को फर्जी नोटिस भी भेजा और जांच का भय दिखाकर उसके खातों में जमा धनराशि ट्रांसफर करा ली। इस तरह आरोपियों ने महिला से 2 करोड़ 4 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली।

जब महिला को ठगी का एहसास हुआ तो उसने तत्काल साइबर थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही साइबर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 9 मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड, 9 एटीएम कार्ड, 3 पैन कार्ड, 2 आधार कार्ड तथा 11 बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग खातों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए रकम को इधर-उधर कर साइबर ठगी को अंजाम देते थे।

साइबर थाना पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार ठगों का नेटवर्क प्रदेश या अन्य राज्यों में और किन-किन घटनाओं में संलिप्त रहा है।

पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि सीबीआई, पुलिस या किसी भी जांच एजेंसी के नाम पर आने वाली कॉल या वीडियो कॉल से सतर्क रहें, क्योंकि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर इस तरह की जांच या डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।