जन सांस्कृतिक मंच ने पूरे किए 50 वर्ष, स्वर्ण जयंती समारोह में बही सांस्कृतिक चेतना

मथुरा। बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों एवं सांस्कृतिक कर्मियों की प्रतिष्ठित संस्था जन सांस्कृतिक मंच ने अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया। यह आयोजन 4 जनवरी को सम्पन्न हुआ जिसमें मंच के दिवंगत सदस्यों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
समारोह के दौरान दिवंगत सदस्यों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया तथा दिवंगत सदस्य सुरेंद्र सोढ़ी, मनीष भार्गव एवं विनोद अग्रवाल के परिजनों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. आर.के. चतुर्वेदी ने मंच की नई कार्यकारिणी के लिए राजकिशोर अग्रवाल (अध्यक्ष), रवि प्रकाश भारद्वाज (सचिव) एवं मुरारीलाल अग्रवाल (कोषाध्यक्ष) के नाम प्रस्तावित किए।
स्वर्ण जयंती के अवसर पर मंच की 50 वर्षों की जनपक्षधर सांस्कृतिक, वैचारिक एवं वैज्ञानिक चेतना से जुड़ी यात्रा पर आधारित एक स्मारिका का विमोचन मंच के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं स्थापना सदस्यों द्वारा किया गया।
स्थापना सदस्य डॉ. हरिवंश चतुर्वेदी ने मंच के विगत 50 वर्षों के कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि जन सांस्कृतिक मंच जैसी संस्थाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि मंच समाज से जुड़े जनपक्षधर सवालों को उठाते हुए समाज को दिशा देने की जिम्मेदारी निभाता रहा है हालांकि वर्तमान समय में इसके सामने कई नई चुनौतियां भी हैं।
स्थापना सदस्य दिनेश अग्रवाल ने सांस्कृतिक आंदोलन की निरंतरता पर बल देते हुए कहा कि नई पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी से ही ऐसे आंदोलनों की जीवंतता बनी रह सकती है।
कार्यक्रम में जगदीश बृजवासी ने संगीतमय प्रस्तुति देते हुए कबीर के दोहे, मीरा के पद, जीवन से जुड़े गीत और ग़ज़लें प्रस्तुत कीं जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संचालन डॉ. धर्मराज ने किया। कार्यक्रम में भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा), जनवादी लेखक संघ, व्हाइट फ्रेम थिएटर, लाफिंग जॉगिंग सहित अनेक सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।