राजीव इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिकोत्सव ‘अभिसिंचन’ का आयोजन , छात्राओं ने दी सांस्कृतिक कार्यक्रम पर प्रस्तुतियां

मथुरा । राजीव इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिकउत्सव का आयोजन किया गया। 15वें वार्षिकोत्सव अभिसिंचन का शुभारम्भ श्रीगणेश वंदना तथा विद्या की आराध्य देवी मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। वार्षिकोत्सव अभिसिंचन में छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों से पहले आरआईएस के चेयरमैन मनोज अग्रवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर.के. ग्रुप अरुण अग्रवाल ने मुख्य अतिथि पूर्व विधायक प्रणतपाल सिंह, कोसीकलां नगर पालिका के अध्यक्ष धर्मवीर अग्रवाल, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मथुरा पल्लवी अग्रवाल, एडीजे ब्रजेश कुमार, कमानडेंट होमगार्ड शैलेंद्र प्रताप सिंह आदि का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। प्राचार्या प्रिया मदान ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए अतिथियों को राजीव इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों द्वारा वर्षभर विभिन्न क्षेत्रों में अर्जित की गई उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी।

अतिथि स्वागत के बाद राजीव इंटरनेशनल स्कूल के नन्हें-मुन्ने बच्चों ने अपने मनमोहक नृत्य एवं संगीत के माध्यम से जहां राधारानी की जन्म लीला के दर्शन कराए वहीं सिंड्रेला एवं वैल्यू ऑफ फैमिली जैसी प्रस्तुतियों से सभी की वाहवाही लूटी। लगभग चार घंटे चले वार्षिकोत्सव अभिसिंचन में अभिभावकों और अतिथियों ने जहां दशानन, वीरभद्र, वराह अवतार जैसी वीर रस और रौद्र रस से परिपूर्ण शानदार प्रस्तुतियों का लुत्फ उठाया वहीं छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत लाइफ विदाउट स्क्रीन के माध्यम से जीवन के महत्व को भी समझा।

आरआईएस के होनहार छात्र-छात्राओं ने विश्व विजेता महिला क्रिकेट टीम पर अपनी शानदार प्रस्तुति से जहां बीते लम्हे को ताजा किया वहीं जीवन के आधार स्तम्भ माता-पिता तथा शिक्षकों के अहम योगदान पर भी शानदार प्रस्तुति पेश की। बच्चों की प्रस्तुति एक सपना एक जुनून ने लक्ष्य के प्रति अग्रसर होना बताया तो फेस्टिवल्स ने अनेकता में एकता के दर्शन कराए। छात्र-छात्राओं ने उड़ान के माध्यम से मैडम क्यूरी के विज्ञान के क्षेत्र में योगदान को दर्शाया तो ऑपरेशन सिंदूर की प्रस्तुति से भारतीय सैनिकों के जज्बे को सलाम किया। अभिभावकों और अतिथियों ने छात्र-छात्राओं की नयनाभिराम प्रस्तुति चार युग की मुक्तकंठ से सराहना की। छात्र-छात्राओं ने इस शानदार प्रस्तुति के माध्यम से प्राचीन युगों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।