वृन्दावन। लम्बे इंतजार और आधी सदी बीत जाने के बाद धनतेरस वाले दिन आखिर कार वह घड़ी आ गई जब करोड़ो भक्तों के आराध्य ठा. बिहारी जी का खजाना खुलने की प्रक्रिया प्रारम्भ हुई। खजाना खुलने की सूचना क्षेत्र में जंगल की आग की तरह फैल गयी। मंदिर के पास लोगों की भीड़ लग गई जिनमें उत्सुक्ता थी कि आखिर खजाने में क्या है। वहीं वहां चर्चा का विषय था कि असली माल तो पहले ही गायब हो गया है। अब वहां क्या रह गया होगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा ठा. बांके बिहारी मंदिर संचालन के लिये गठित हाईपावर कमेटी का गठन किया गया था। जिसकी अध्यक्षता के पूर्व हाईकोर्ट जज कर रहे है।
बिहारी जी मंदिर में मौजूद अपर जिलाधिकारी पंकज वर्मा ने बताया कि हाईपावर कमेटी के अध्यक्ष पूर्व जज अशोक कुमार के आदेशानुसार 18 अक्टूबर धनतेरस के दिन दोपहर 1 बजे खजाना खोला गया। जूनियर डिवीजन सिविल जज मौजूदगी में एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी, सीएमओ और सीएफओ के समक्ष तहखाने को खोला गया । मौके पर सीओ सदर व सीओ सिटी के साथ भारी पुलिस फोर्स व्यवस्थओं को बनाने में लगा था। बताया जाता है कि लगभग 54 साल बाद खजाना के कमरे का ताला खुलने की वजह से वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मुस्तेद रहे ताकि जहरीले सर्प या कीड़े बंद कमरे से निकले तो उन पर काबू किया जा सके। साथ ही कमरे में कोई जहरीली गैस हुई तो उसके लिये डाक्टरों की टीम के साथ आक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की गयी थी। खजाना खोले जाने के दौरान कमेटी के सदस्य सेवायत दिनेश गोस्वामी और रजत गोस्वामी में खूब तीखी बहस हुई ।
Sign in
Sign in
Recover your password.
A password will be e-mailed to you.