जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद 30 हजार जवानों के इस्तीफे का दावा फर्जी , PIB ने जारी की फैक्ट चेक रिपोर्ट

नई दिल्ली । जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण 30,000 भारतीय सेना के जवानों ने इस्तीफा दे दिया है, पीआईबी ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है। शनिवार को पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा कि पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स एक एआई-जनरेटेड फर्जी वीडियो फैला रहे हैं, जिसे झूठे तरीके से चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि से जोड़कर पेश किया गया है।

पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा अकाउंट चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि का एक वीडियो सर्कुलेट कर रहे हैं, जिसमें वह दावा कर रहे हैं कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के कारण 30,000 आर्मी जवानों ने इस्तीफा दे दिया है। पीआईबी फैक्ट चेक के अनुसार, यह वीडियो फेक है और एआई से बना है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।”

पीआईबी फैक्ट चेक की ओर से नागरिकों को ऑनलाइन फैल रही गलत जानकारी से सावधान रहने की सलाह दी गई है। फैक्ट चेक टीम ने आगे कहा, “ऑनलाइन फैल रहे मैनिपुलेटेड कंटेंट से सावधान रहें और वेरिफाइड जानकारी के लिए केवल भरोसेमंद ऑफिशियल सोर्स पर ही भरोसा करें। भारत सरकार से जुड़े संदिग्ध कंटेंट के बारे में पीआईबी फैक्ट चेक को +91 8799711259 और ‘फैक्ट चेक एट द रेट पीआईबी डॉट जीओवी डॉट इन’ पर फ्लैग करें।”

पीआईबी फैक्ट चेक ने आगे लिखा कि डिजिटल तरीके से बदले गए वीडियो में जनरल सुब्रमणि को गलत तरीके से यह कहते हुए दिखाया गया है, “सरकार को स्टूडेंट्स के प्रति नरमी दिखानी चाहिए। 30,000 से ज्यादा इंडियन आर्मी के जवानों ने इस्तीफा दे दिया है, क्योंकि उनका कहना है कि उनके बच्चों को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर लाठियों से पीटा गया था। वे भारत सरकार की सेवा करने से मना कर रहे हैं। यह एक बड़ी मुसीबत बनती जा रही है और मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रिक्वेस्ट करता हूं कि वे दखल दें और एजुकेशन मिनिस्टर से इस्तीफा देने के लिए कहें। नहीं तो हमारी आर्म्ड फोर्सेज बंट जाएंगी।”

हालांकि, पीआईबी फैक्ट चेक ने ओरिजिनल वीडियो भी शेयर किया, जिसका विरोध प्रदर्शनों से कोई लेना-देना नहीं था। असली क्लिप में सीडीएस लोगों को इंडियनऑयल डूरंड कप में बुलाते हुए दिख रहे हैं और कह रहे हैं, “प्यारे दोस्तों, जैसे ही इंडियन ऑयल डूरंड कप का पर्दा उठ रहा है, आपको सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट में बुलाना मेरे लिए खास सम्मान और खुशी की बात है।” उन्होंने आगे कहा, “एशिया का यह मशहूर कॉम्पिटिशन 25 जुलाई से 23 अगस्त तक पांच वाइब्रेंट शहरों कोलकाता, इंफाल, शिलांग, गुवाहाटी और पहली बार रांची में मिलकर होस्ट किया जाएगा।” सीडीएस सुब्रमणि ने यह भी कहा कि इस महीने की शुरुआत में जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने टूर्नामेंट ट्रॉफी का अनावरण किया, तो डूरंड कप की विरासत फिर से साबित हुई।