अष्टमी और नवमी तिथि के मिलन की बेला में हुई श्री कात्यायनी मंदिर में संधि आरती , दर्शनों को उमड़ा जन सैलाब
वृंदावन। श्री धाम वृंदावन के श्री कात्यायनी मंदिर में अष्टमी और नवमी के मिलन के अवसर पर संधि आरती का आयोजन किया गया जिसमे बड़ी संख्या में श्रद्वालु उपस्थित हुए । नवरात्रि पर नगर के सभी देवी मंदिरों में विशेष रूप से सजावट की गई है।
श्री कात्यायनी मंदिर के सेवायत कमल पुजारी ने बताया कि यह संधि आरती अत्यंत विशेष होती है। जो भक्त इस आरती के दर्शन करता है उसे माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसीलिए आरती के दर्शनों के लिए दूर-दूर से लोग घंटो पहले आकर मंदिर के बाहर खड़े हो जाते हैं। पूरा मंदिर परिसर माता की जयकारों से गुंजायमान हो गया। आरती के पश्चात माता का खजाना भी लुटाया जाता है जिसे लूटने के लिए भक्त हमेशा लालायत रहते हैं। मान्यता है कि माता के खजाने से प्राप्त सिक्कों को जो भी व्यक्ति अपने तिजोरी या धन रखने की जगह पर रखता है उसे कभी धन की कमी नहीं होती। इसीलिए भक्त माता के खजाने से प्राप्त सिक्कों को अपने पूजा स्थल तिजोरी आदि में रखते हैं।
मंदिर की ट्रस्टी रवि दयाल ने बताया कि मंदिर को पुष्पों और विद्युत झालरों से सजाया गया। मंदिर के चौक में झाड़ लगाए गए। मंदिर में माता कात्यायनी को पुष्पों के बंगला में विराजमान किया किया गया। दोपहर 1 बजकर 29 मिनट पर अष्टमी और नवमी तिथि के मिलन की बेला में संधि आरती की गई।
डमरू, घंटा-घड़ियाल और नगाड़ों के मध्य मां कात्यायनी की संधि आरती हुई। वर्ष में दो बाद होने वाली विशेष संधि आरती के लिए भक्तजन आतुर रहे। जो भक्त मंदिर में जगमोहन से देवी के प्रत्यक्ष दर्शन नहीं कर पाए उन भक्तों ने मंदिर में लगे टीवी सेटों में ही संधि आरती के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आरती के दर्शन के लिए मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त उमड़ पड़े। मंदिर माता के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने माता का प्रसाद प्राप्त कर अपने आप को भाग्यशाली महसूस किया।